उदयपुर। साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा श्रीजी ने धर्मसभा में श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, सदाचार और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर आत्मशांति प्राप्त की जा सकती है।कार्यक्रम के अंतर्गत नवपद आयंबिल ओलीजी तप का भी शुभारंभ हुआ।
इस तप के लाभार्थी निर्मला बेन रोशनलाल जी कोठारी परिवार हैं। आयोजन में धर्म के प्रति श्रद्धा, तप, त्याग और साधना का महत्व बताया गया।
इस अवसर पर गजमंदिर केसरियाजी महातीर्थ के अध्यक्ष का ट्रस्ट की ओर से उनका बहुमान किया गया।
