गुरु को सम्मान नहीं, व्यवस्था में स्थान चाहिए
शिक्षक दिवस पर सवाल : जब शिक्षक ही व्यवस्था के दबाव में होगा, तो भविष्य की पीढ़ी को दिशा कौन देगा?5 सितंबर आते ही देशभर में शिक्षक दिवस की तैयारियाँ शुरू हो जा…
“होता” के परिणाम
शिक्षक दिवस पर सवाल : जब शिक्षक ही व्यवस्था के दबाव में होगा, तो भविष्य की पीढ़ी को दिशा कौन देगा?5 सितंबर आते ही देशभर में शिक्षक दिवस की तैयारियाँ शुरू हो जा…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने गुरुवार को कर्मयोग, औचित्य, परोपकार और प्रकृति संरक्…
उदयपुर: पारस हेल्थ उदयपुर ने अपने फुली-फंक्शनल ब्लड बैंक का उद्घाटन CMHO डॉ अशोक आदित्य की उपस्थिति में किया। इस कदम से हॉस्पिटल की ट्रांसफ्यूजन सेवाएं और बेहत…
उदयपुर । नीट यूजी (एनईईटी यूजी ) की द्वितीय एवं तृतीय काउंसलिंग में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सही दिशा एवं सटीक मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से विप्…
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्ताजल सुरक्षा केव…
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्तामध्यम आकार के …
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
भारत के सबसे पसंदीदा पोटैटो चिप्स ब्रांड्स में से एक, लेज़® लंबे समय से खुशी, मस्ती और रोजमर्रा के यादगार पलों का पर्याय रहा है। वर्षों से ब्रांड ने यह दिखाया …
उदयपुर। मस्तिष्क और स्कल बेस से जुड़ी जटिल बीमारियों का उपचार चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल है। इन रोगों में मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस…
भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज कर एक बार फिर अपनी आर्थिक क्षमता का संकेत दिया है। बिश्केक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों…
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन... अर्थात, मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फल पर कभी नहीं। इसलिए फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करें। निष्काम…
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…