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पीएमसीएच में डर्मेटोसर्जरी और डर्मेटोपैथोलॉजी परदो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

देशभर के जाने-माने विशेषज्ञों ने डॉक्टरों और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को दिए स्किन सर्जरी और सटीक निदान के टिप्स

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पीएमसीएच में डर्मेटोसर्जरी और डर्मेटोपैथोलॉजी परदो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) एवं पैथोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “डर्माटोसर्जरी एवं डर्माटोपैथोलॉजी -बेसिक टू एडवांस्ड” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सीएमई एवं कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

इस दो दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य त्वचा रोग विशेषज्ञों, स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों और चिकित्सा पेशेवरों को स्किन सर्जरी व ऊतक विकृत विज्ञान (डर्माटोपैथोलॉजी) की आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग) से रूबरू कराना था।

वर्कशॉप अध्यक्ष डॉ.संजीव वैशंपायन ने बताया कि कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

मुख्य वक्ताओं में गांधीनगर के डॉ.योगेश भिंगराडिया, नागपुर के डॉ.सुशील पांडे और चेन्नई की डॉ.अनुराधा प्रियदर्शिनी ने डर्मेटोसर्जरी,त्वचा रोगों की सूक्ष्मदर्शी जांच (बायोप्सी), हिस्टोपैथोलॉजिकल निदान और आधुनिक त्वचा चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक और विस्तृत व्याख्यान दिए।

दो दिवसीय इस कार्यशाला में पहले दिन के शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से बताया गया वही दूसरे दिन प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई।

वर्कशॉप के सफल आयोजन के लिए पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यशाला चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञानवर्धन और कौशल विकास के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हुई, जिससे डॉक्टर अब मरीजों को और अधिक आधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

वर्कशॉप के सचिव डॉ.एम.एस.देवड़ा ने बताया कि इस वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने क्लिनिकल और पैथोलॉजिकल को-रिलेशन के महत्व को रेखांकित किया, ताकि जटिल त्वचा रोगों का समय पर और सटीक निदान कर मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा सके।

इस दौरान डॉ.संजीव वैशंपायन एवं डॉ.एम.एस.देवड़ा ने पीएमसीएच की डायरेक्टर प्रीति अग्रवाल,ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, प्रिंसिपल डॉ.यू.एस.परिहार और पीएमयू के डॉ.एम.एम.मंगल के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर सहयोग के कारण ही चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला यह आयोजन संभव हो सका।

वर्कशॉप के सफल आयोजन में आयोजन सचिव डॉ.शिवानी भारद्वाज एवं साइंन्टिफिक चेयरपर्सन डॉ.डी.एम.थापा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।