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पीएमसीएच में 4 महीने के मासूम के पेट से निकाला 1.5 किलो का ट्यूमर

जटिल सर्जरी कर मासूम को दिया नया जीवन

मुख्य बिंदु
  • पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के बाल एवं नवजात शिशु सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक 4 महीने के बच्चे की जटिल सर्जरी कर पेट से 1.
  • 5 किलो के ट्यूमर को निकाल कर नया जीवन दिया।
  • इस जटिल ऑपरेशन की सफलता में बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ.
  • सुहानी, एनेस्थीसिया टीम में डॉ.
  • किरण,पीआईसीयू टीम में डॉ.
  • धारा और डॉ अभिषेक के साथ नर्सिग स्टॉफ विष्णु, विवेक,शोभना, मनीष और नरेंद्र की अहम भूमिका रही।
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पीएमसीएच में 4 महीने के मासूम के पेट से निकाला 1.5 किलो का ट्यूमर

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के बाल एवं नवजात शिशु सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक 4 महीने के बच्चे की जटिल सर्जरी कर पेट से 1.5 किलो के ट्यूमर को निकाल कर नया जीवन दिया।

इस जटिल ऑपरेशन की सफलता में बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ.प्रवीण झंवर के साथ डॉ.उर्जिता मोदी,डॉ.निशांत और डॉ.सुहानी, एनेस्थीसिया टीम में डॉ.स्वाति, डॉ.शाहिद,डॉ. आर्यमन और डॉ.किरण,पीआईसीयू टीम में डॉ.पुनीत जैन, डॉ.धारा और डॉ अभिषेक के साथ नर्सिग स्टॉफ विष्णु, विवेक,शोभना, मनीष और नरेंद्र की अहम भूमिका रही।

प्रतापगढ़ निवासी 4 महीने का यह बच्चा पिछलें 15 दिनों से पेट फूलने और अत्यधिक रोने की समस्या से जूझ रहा था। बच्चें कें परिजनों ने स्थानीय चिकित्सक को दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

बच्चें के परिजनों को उनके मिलने वाले ने पेसिफिक हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी। परिजन बच्चें को पीएमसीएच लेकर आए यहॉ बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ.प्रवीण झंवर को दिखाया।

बच्चें का सीईसीटी एब्डोमेन स्कैन कराया गया। जॉच में पता चला कि बच्चे के पेट में गैस्ट्रिक ट्यूमर था, जो उसके आमाशय के एक बड़े हिस्से को घेरे हुए था।

ट्यूमर का आकार लगभग 15ग12 सेंटीमीटर था। जिसका की ऑपरेशन द्वारा ही इलाज सम्भव था।

बीमारी की गंभीरता को देखते हुए डॉ. प्रवीण झंवर और उनकी टीम ने तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया।

इतनी कम उम्र के बच्चे की सर्जरी करना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने पार्शियल गैस्ट्रेक्टोमी प्रक्रिया को अंजाम दिया, जिसमें आमाशय के आधे हिस्से के साथ ट्यूमर को सफलतापूर्वक शरीर से अलग किया गया।

सर्जरी के बाद बच्चे का वजन घटकर 2.6 किलो रह गया। निकाले गए ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया, जहाँ रिपोर्ट में इमैच्योर मेसेंटेरिक टेराटोमा की पुष्टि हुई।

बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ.प्रवीण झंवर ने बताया कि बच्चें को जब अस्पताल लाया गया तब उसका कुल वजन मात्र 4 किलो था, जिसमें से 1.5 किलो तो केवल ट्यूमर का ही भार था।

सर्जरी के बाद बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे पीआईसीयू में शिफ्ट किया गया। यहाँ डॉ.पुनीत जैन और उनकी टीम ने बच्चे की गहन निगरानी की।

बेहतरीन पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल और डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई। बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर है और उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई है।

बच्चे के माता-पिता ने मैनेजमेन्ट,चिकित्सकों एवं नर्सिगकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्य अस्पतालों से निराश होने के बाद यहाँ उन्हें नई उम्मीद मिली।

पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने इस सफलता पर डॉक्टरों को बधाई देते हुए कहा कि यह ऑपरेशन हमारी टीम की विशेषज्ञता और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है। पीएमसीएच का उद्देश्य हमेशा से ही जटिल से जटिल बीमारियों का किफायती और विश्वस्तरीय इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना रहा है। इतने छोटे बच्चे की जान बचाना हमारे लिए गर्व की बात है।