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पीसीओडी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मुख्य बिंदु
  • महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करने की दिशा श्रंखला में दक्षता सशक्तिकरण शोध संस्थान द्वारा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के सहयोग से हिंता गाँव (जो विश्वविद्यालय द्वारा दत्तक लिया गया है) में पीसीओडी विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों डॉ लतिका व्यास डॉ अल्पना सिंह ने महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (PCOD) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
  • वक्ताओं ने बताया कि अनियमित खान-पान, तनाव, कम शारीरिक सक्रियता और बदलती जीवनशैली इस रोग को बढ़ावा देती हैं।
  • महिलाएँ समय पर लक्षण पहचान कर उचित चिकित्सकीय सलाह लें तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • दक्षता संस्थान की टीम ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध मिलेट्स (श्रीअन्न) के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
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पीसीओडी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

उदयपुर। महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता को प्रोत्साहित करने की दिशा श्रंखला में दक्षता सशक्तिकरण शोध संस्थान द्वारा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के सहयोग से हिंता गाँव (जो विश्वविद्यालय द्वारा दत्तक लिया गया है) में पीसीओडी विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों डॉ लतिका व्यास डॉ अल्पना सिंह ने महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (PCOD) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

वक्ताओं ने बताया कि अनियमित खान-पान, तनाव, कम शारीरिक सक्रियता और बदलती जीवनशैली इस रोग को बढ़ावा देती हैं। महिलाएँ समय पर लक्षण पहचान कर उचित चिकित्सकीय सलाह लें तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

दक्षता संस्थान की टीम ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध मिलेट्स (श्रीअन्न) के उपयोग पर विशेष जोर दिया।

बताया गया कि श्रीअन्न हार्मोन संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं और ग्रामीण परिवारों के दैनिक आहार में इनका शामिल होना आवश्यक है। ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों और छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस दौरान स्वास्थ्य परामर्श, प्रश्नोत्तरी तथा जागरूकता सामग्री वितरण किया गया।

आयोजक डॉक्टर होकम सिंह ने ग्रामीण समुदाय में स्वास्थ्य-संवेदनशील मुद्दों पर निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया और महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं आत्मविश्वासी रहने के लिए प्रेरित किया।