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Jaislmer news

छोड़ निवासी गोविन्द राम की वर्षो पुरानी मुराद हुई पूरी

शिविर में मिला आवासीय भूखण्ड का पट्टा, जताया मुख्यमंत्री जी का आभार

मुख्य बिंदु
  • जिले में राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे शिविर ग्रामीणजनों के लिए आशा, विश्वास और समाधान का माध्यम बन कर उभर रहा है।
  • वहीं वर्षो से लम्बित प्रकरणों का मौके पर निस्तार होने से आमजन को राहत मिल रही है।
  • ग्राम पंचायत छोड़ में आयोजित शिविर छोड़ निवासी गोविन्द राम पुत्र मंगलाराम परिवार के लिए खुशी बन कर आया एवं वर्षो पुरानी पट्टे की आस शिविर की बदौलत एक दिवस में ही पूरी हो गयी एवं उसे आवासीय भूखण्ड का असली मालिकाना हक मिल गया।
  • गोविन्द राम ने इसके लिए संवेदनशील मुख्यमंत्री जी एवं पंचायत प्रशासन के प्रति तहेदिल से आभार जताया।
  • गांव के गरीब गोविन्द राम ने शिविर में विकास अधिकारी महेश सिंह राठौड़ के समक्ष आवासीय भूखण्ड का पट्टा जारी कराने के संबंध में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए ग्राम विकास अधिकारी चन्दन दान को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
  • ग्राम विकास अधिकारी ने गोविन्द राम के आवास की जांच पड़ताल कर उसके पट्टे लिए दस्तावेज तैयार कर पट्टा बनाया।
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छोड़ निवासी गोविन्द राम की वर्षो पुरानी मुराद हुई पूरी

जैसलमेर। जिले में राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे शिविर ग्रामीणजनों के लिए आशा, विश्वास और समाधान का माध्यम बन कर उभर रहा है।

वहीं वर्षो से लम्बित प्रकरणों का मौके पर निस्तार होने से आमजन को राहत मिल रही है।

ग्राम पंचायत छोड़ में आयोजित शिविर छोड़ निवासी गोविन्द राम पुत्र मंगलाराम परिवार के लिए खुशी बन कर आया एवं वर्षो पुरानी पट्टे की आस शिविर की बदौलत एक दिवस में ही पूरी हो गयी एवं उसे आवासीय भूखण्ड का असली मालिकाना हक मिल गया।

गोविन्द राम ने इसके लिए संवेदनशील मुख्यमंत्री जी एवं पंचायत प्रशासन के प्रति तहेदिल से आभार जताया।

गांव के गरीब गोविन्द राम ने शिविर में विकास अधिकारी महेश सिंह राठौड़ के समक्ष आवासीय भूखण्ड का पट्टा जारी कराने के संबंध में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए ग्राम विकास अधिकारी चन्दन दान को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

ग्राम विकास अधिकारी ने गोविन्द राम के आवास की जांच पड़ताल कर उसके पट्टे लिए दस्तावेज तैयार कर पट्टा बनाया। उपखण्ड अधिकारी भरत राज गुर्जर, विकास अधिकारी राठौड़ व प्रशासक श्रीमती शांति देवी ने गोविन्द राम को आवासीय पट्टा प्रदान किया।

गरीब गोविंद राम ने अपनी जुबान से कहा कि जो भूखण्ड केवल आशा का आधार था, आज वह मेरे व मेरे परिवार के लिए कानूनी स्वामित्व का गौरव बन गया है। इस प्रकार छोड़ का ग्रामीण शिविर गोविन्द राम के लिए वरदान साबित हुआ एवं आवासीय भूखण्ड का हमेशा के लिए असली मालिकाना हक मिल गया।