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Jaislmer news

चांधन निवासी रमेश कुमार को मिला ग्रामीण सेवा शिविर की बदौलत आवासीय पटटा, पटटा पाकर प्रफुल्लित हुआ पूरा परिवार,सरकार के प्रति जताया आभार

मुख्य बिंदु
  • जिले में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविर -2026 गरीबों के जीवन में नया उजियारा लाने में कारगर साबित हो रहे है।
  • ऐसा ही नजारा ग्रााम पंचायत चांधन में आयोजित शिविर में देखा गया जिसमें रमेश कुमार पुत्र मदन लाल को वर्षों बाद अपने आशियाना का असली मालिकाना हक मिल गया।
  • रमेश कुमार की धर्मपत्नी ने जैसे ही आवास का पटटा पाया तो उसके चेहरे पर खुशी छा गई।
  • उसने इस कार्य के लिए संवेदनशील सरकार एवं पंचायती राज का तहेदिल से आभार जताया।
  • शिविर में तहसीलदार राजेन्द्र करण, सह प्रभारी टाउराम व प्रशासक ग्राम पंचायत श्रीमती जयकंवर ने रमेश कुमार की पत्नी को आवास के स्वामित्व का पट्टा प्रदान किया तो उसके जीवन में जैसे आज वर्षो पुरानी मुराद पुरी हो गई।
  • रमेश कुमार ने अपनी बोली में मुख्यमंत्री जी के प्रति अंतरमन से आभार जताते हुए कहा की सरकार ने यह साबित कर दिया है कि गरीब की झोपड़ी तक भी इंसाफ पहुंच सकता है।
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चांधन निवासी रमेश कुमार को मिला ग्रामीण सेवा शिविर की बदौलत आवासीय पटटा, पटटा पाकर प्रफुल्लित हुआ पूरा परिवार,सरकार के प्रति जताया आभार

        जैसलमेर ।  जिले में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविर -2026 गरीबों के जीवन में नया उजियारा लाने में कारगर साबित हो रहे है। ऐसा ही नजारा ग्रााम पंचायत चांधन में आयोजित शिविर में देखा गया जिसमें रमेश कुमार पुत्र मदन लाल को वर्षों बाद अपने आशियाना का असली मालिकाना हक मिल गया।

    रमेश कुमार की धर्मपत्नी ने जैसे ही आवास का पटटा पाया तो उसके चेहरे पर खुशी छा गई। उसने इस कार्य के लिए संवेदनशील सरकार एवं पंचायती राज का तहेदिल से आभार जताया। शिविर में तहसीलदार राजेन्द्र करण, सह प्रभारी टाउराम व प्रशासक ग्राम पंचायत श्रीमती जयकंवर ने रमेश कुमार की पत्नी को आवास के स्वामित्व का पट्टा प्रदान किया तो उसके जीवन में जैसे आज वर्षो पुरानी मुराद पुरी हो गई।

      रमेश कुमार ने अपनी बोली में मुख्यमंत्री जी के प्रति अंतरमन से आभार जताते हुए कहा की सरकार ने यह साबित कर दिया है कि गरीब की झोपड़ी तक भी इंसाफ पहुंच सकता है। उसने कहा की ये शिविर वास्तव में गरीबों के लिए बहुत ही राहतदायी है। इस प्रकार चांधन का शिविर रमेश कुमार के परिवार के  लिए खुशियां लेकर ही आया वही उसे अपने आशियाने का असली स्वामित्व का हक भी हमेशा-हमेशा के लिए मिल गया।