जिला प्रशासन द्वारा हर स्तर पर संवेदनशीलता और सम्मान किया जा रहा है सुनिश्चित जैसलमेर। जैसलमेर से जोधपुर आ रही बस में आगजनी की हृदयविदारक दुर्घटना के बाद डीएनए परीक्षण एवं पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने पर जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक शव को पूर्ण सम्मान एवं संवेदनशीलता के साथ उनके पैतृक गांव या निवास स्थान तक पहुँचाया जाए।
जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक एम्बुलेंस के साथ एक सरकारी कर्मचारी एवं एक पुलिस कांस्टेबल को भेजा जा रहा है, ताकि मार्ग में किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी न हो।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि इस कठिन समय में प्रत्येक परिजन को हरसंभव सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
यह संपूर्ण प्रक्रिया संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण से की जा रही है। जोधपुर और जैसलमेर दोनों जिलों की टीमें निरंतर संपर्क और समन्वय में हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग समय पर प्राप्त हो सके।
डीएनए परीक्षण रिपोर्ट के पश्चात एम्स एवं एमजीएच में रखे गए शवों की स्थिति डीएनए परीक्षण के पश्चात 9 मृतकों के शव एम्स हॉस्पिटल में एवं 9 मृतकों के शव महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर में रखे गए हैं, जिनकी पहचान की जा चुकी है एम्स हॉस्पिटल में रखे शवों के नामरू 1. जितेश चौहान 2. महेन्द्र (लवारण) 3. खुशी (लवारण) 4. इरफान खान (बम्बोरो की ढाणी) 5. बरकत खान (बासनपीर) 6. शाहरूख खान (चाम्पला) 7. अयुब खान (बासनपीर) 8. बसीरा (बासनपीर) 9. जसु (कोटड़ी) एमजीएच हॉस्पिटल में रखे शवों के नामः 1. स्वरूप (जोधपुर) 2. गोपीलाल (लाठी) 3. जोगराज सिंह (झलारिया) 4. पार्वती (लवारण) 5. दीक्षा (लवारण) 6. शौर्य (लवारण) 7. दीपक (जैसलमेर) 8. राजेन्द्र सिंह चौहान (जैसलमेर) 9. हसीना (बम्बोरो की ढाणी) कुल 19 शवों में से एक शव पर अभी तक किसी ने भी दावा नहीं किया है जिस शव पर अभी तक दावा नहीं किया गया है वह एम्स हॉस्पिटल में रखा हुआ है ।
जिला प्रशासन सभी नागरिकों से अपील करता है कि यदि किसी को जैसलमेर बस दुखांतिका में किसी लापता व्यक्ति से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त हो, तो नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल संपर्क करें।