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गौतम चंद जैन दे गए दो लोगो के  लिए रोशनी

मुख्य बिंदु
  • भवानी मंडी के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रो में भी नेत्रदान के प्रति परिवारों का बड़ा रुझान शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र एवं जैन सोशल ग्रुप भवानी मंडी के नेत्रदान प्रभारी नरेंद्र जैन ने बताया कि सुबह सुबह 5 बजे कोटा सुधा हॉस्पिटल में सिंहपुर निवासी गौतम चंद जैन का आकस्मिक निधन हो गया ।
  • भाई धर्म चंद जैन ने दुख की इस घड़ी में भी नेत्रदान करवाने की इच्छा जाहिर की,45 वर्ष के भाई की आकस्मिक मृत्यु हो और उस वक्त भी परोपकार के कार्य के लिए निर्णय लेना बहुत ही मुश्किल कार्य होता है ।
  • फिर भी परिवार ने निर्णय कर शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र नरेंद्र जैन ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ से संपर्क किया और जैसा हमेशा होता है डॉ गौड़ ने मृतक की जानकारी ली और तुरंत निकल कर जगपुरा स्थित सुधा हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज पंहुच कर नेत्रदान प्राप्त किया।
  • इस नेत्रदान में गणेश सालेचा,एवं दिलीप जैन का विशेष सहयोग रहा।
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गौतम चंद जैन दे गए दो लोगो के  लिए रोशनी

भवानी मंडी के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रो में भी नेत्रदान के प्रति परिवारों का बड़ा रुझान शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र एवं जैन सोशल ग्रुप भवानी मंडी के नेत्रदान प्रभारी नरेंद्र जैन ने बताया कि सुबह सुबह 5 बजे कोटा सुधा हॉस्पिटल में सिंहपुर निवासी गौतम चंद जैन का आकस्मिक निधन हो गया ।

भाई धर्म चंद जैन ने दुख की इस घड़ी में भी नेत्रदान करवाने की इच्छा जाहिर की,45 वर्ष के भाई की आकस्मिक मृत्यु हो और उस वक्त भी परोपकार के कार्य के लिए निर्णय लेना बहुत ही मुश्किल कार्य होता है ।

फिर भी परिवार ने निर्णय कर शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र नरेंद्र जैन ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ से संपर्क किया और जैसा हमेशा होता है डॉ गौड़ ने मृतक की जानकारी ली और तुरंत निकल कर जगपुरा स्थित सुधा हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज पंहुच कर नेत्रदान प्राप्त किया।

इस नेत्रदान में गणेश सालेचा,एवं दिलीप जैन का विशेष सहयोग रहा।

परिवार में पहले भी नेत्रदान हो चुका है,मृतक गौतम चंद जैन के जीजा जी पचपहाड़ निवासी बाबू लाल जैन का पूर्व में नेत्रदान हुआ था।

ज्ञात हो कि,भवानी मंडी ने हाड़ौती में नेत्रदान के क्षेत्र में उलेखनीय योगदान दिया है,अब ये कारवां ग्रामीण क्षेत्रो में भी बड़ रहा है पूर्व में भी मिश्रोली,बनी, करावन,आवर आदि परिवारों से नेत्रदान हो चुके है।