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Banswara News

मौनव्रती दयालु का नवरात्रि में मौन अनुष्ठान सोमवार से, दस दिन तक रहेगा पूर्ण मौन,

इससे पूर्व 27 नवरात्रियों में रख चुके हैं अखण्ड मौन  

इससे पूर्व 27 नवरात्रियों में रख चुके हैं अखण्ड मौन

मुख्य बिंदु
  • बांसवाड़ा/ मौन रहकर शक्ति उपासना के लिए चिर परिचित बांसवाड़ा के युवा साधक ‘दयालु’ के नाम से प्रसिद्ध पं.
  • नरेशचन्द्र पण्ड्या इस बार नवरात्रि में अपनी अखण्ड मौन साधना का द्वितीय चरण 22 सितम्बर, सोमवार से आरंभ करेंगे।
  • इस दौरान् वे पूरे दस दिन मौन साधना करेंगे।
  • इससे पूर्व वे 2021 तक नवरात्रिकालीन 27 वर्षीय मौन साधना का प्रथम चरण पूर्ण कर चुके हैं।
  • मूलतः बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा गांव निवासी पं.
  • नरेश पण्ड्या का व्यक्तित्व कई खूबियों से भरा होने के कारण हमेशा चर्चित रहा है।
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मौनव्रती दयालु का नवरात्रि में मौन अनुष्ठान सोमवार से,  दस दिन तक रहेगा पूर्ण मौन,

बांसवाड़ा/ मौन रहकर शक्ति उपासना के लिए चिर परिचित बांसवाड़ा के युवा साधक ‘दयालु’ के नाम से प्रसिद्ध पं. नरेशचन्द्र पण्ड्या इस बार नवरात्रि में अपनी अखण्ड मौन साधना का द्वितीय चरण 22 सितम्बर, सोमवार से आरंभ करेंगे। इस दौरान् वे पूरे दस दिन मौन साधना करेंगे। इससे पूर्व वे 2021 तक नवरात्रिकालीन 27 वर्षीय मौन साधना का प्रथम चरण पूर्ण कर चुके हैं।

मूलतः बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा गांव निवासी पं. नरेश पण्ड्या का व्यक्तित्व कई खूबियों से भरा होने के कारण हमेशा चर्चित रहा है। दयालु का रूप-रंग और परिधान आदि सब कुछ वार से हिसाब से है। हर वार को उनकी वेशभूषा अलग-अलग रंगों से सजी रहती है। कान में पहनी कड़ी से लेकर घड़ी, रूमाल और परिधान भी वार के हिसाब से उसी एक रंग के पहनते हैं। उनके स्कूटर का रंग भी केसरिया ही है जो कि जिले भर में सबसे अलग ही दिखता है।

चन्दन इत्र के शौकीन पं. नरेश पण्ड्या का आस-पास का सारा परिवेश भी महकता हुआ सुकून देता रहता है। मौन व्रती के रूप में लोकप्रिय, गले एवं कलाई में कई प्रकार की मालाएं धारण करने वाले तिलकधारी पं. नरेश पण्ड्या ‘दयालु’ का आकर्षक व्यक्तित्व ही उनकी धार्मिक-आध्यात्मिक विलक्षणताओं का परिचय देने के लिए काफी है।

पंड्या अच्छे डांसर और एक्टर भी हैं। उन्होंने शिव, नारद, माफिया डान, सिक्युरिटी गार्डन पंडित का किरदार निभाया है। उज्जैन में पले बडे़ दयालु ने मौनी बाबा मंगलनाथ वाले के सान्निध्य में होने वाली रामलीला में भी अनेक पात्रों की भूमिका निभाई है। वर्तमान में बांसवाड़ा शहर में अम्बेडकर सर्कल. एस.पी. चौराहा पर आयरन व्यवसायस्त पण्ड्या मौन साधना को ईश्वर व माता-पिता का आशीर्वाद मानते हैं।

पेन-डायरी भेंट

मौनव्रत के दौरान् लेखन के लिए कलम एवं डायरी उनके प्रिय मित्र एवं जाने-माने व्यवसायी श्री हुसैनी भाई लोखण्डवाला ने रविवार को श्री पीताम्बरा आश्रम में उन्हें भेंट की। हर बार वे ही उन्हें यह भेंट करते रहे हैं। इस अवसर पर प्रमुख व्यवसायी श्री मुस्तफा आशिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।