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कृषक महिलाओं को स्वास्थ्य एवं आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रशिक्षण

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना—कृषि एवं संबद्ध

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कृषक महिलाओं को स्वास्थ्य एवं आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रशिक्षण

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना—कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में श्रम विज्ञान एवं सुरक्षा तथा अखिल भारतीय समन्वित कृषिरत महिला अनुसंधान परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति उपयोजना (SC-SP) के अंतर्गत भिंडर तहसील की हींता ग्राम पंचायत में कृषक महिला स्वास्थ्य एवं श्रमसाध्य लघु कृषि यंत्रों पर प्रशिक्षण” कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एस. एस. मीणा ने कृषक महिलाओं को महिला-अनुकूल एवं श्रम-बचत कृषि यंत्रों के संचालन और उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कृषि कार्यों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं कम श्रमसाध्य बनाने में आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी तथा विभिन्न कृषि कार्यों में इनके प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया।

वैज्ञानिक डॉ. विशाखा सिंह ने कृषक महिलाओं के स्वास्थ्य एवं परिवार के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य फसलों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के विभिन्न अवसरों के बारे में भी विस्तार से बताया।

वहीं डॉ. सुमित्रा मीणा ने मानसून के दौरान खाद्य स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित भोजन व्यवहार, स्वच्छता एवं खाद्य पदार्थों के उचित रख-रखाव के संबंध में कृषक महिलाओं को जागरूक किया।

कार्यक्रम के दौरान कृषक महिलाओं को इनपुट सामग्री एवं एनर्जी बॉक्स भी वितरित किए गए। प्रशिक्षण में 25 कृषक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षण में प्रदर्शित कृषि यंत्रों एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में विशेष रुचि दिखाई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री दीपिका शर्मा, सुश्री पूजा एवं श्री भंवर सिंह का भी सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषक महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, खाद्य सुरक्षा एवं आधुनिक श्रम-बचत कृषि तकनीकों से जोड़कर उनके कार्यभार को कम करना, कार्यस्थल पर सुरक्षा बढ़ाना तथा उनकी कार्यक्षमता एवं पारिवारिक आय में वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराना रहा।