उदयपुर। “ बीमा केवल अप्रत्याशित नुकसान की भरपाई का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवसाय की निरंतरता, संपत्तियों की सुरक्षा, कर्मचारियों के हितों तथा वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रबंधन साधन है।“उपरोक्त जानकारी श्री जसवन्त माथुर एवं श्री पल्लव जैन ने यूसीसीआई में दी।उदयपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (यूसीसीआई) द्वारा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड के सहयोग से व्यवसायियों के लिए “बिजनेस मालिकों के लिए इंश्योरेन्स की जागरूकता” विषय पर कार्यशाला का आयोजन यूसीसीआई सभागार में किया गया।कार्यक्रम में यूसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अंशुल मोगरा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के अधिकारियों एवं सदस्य प्रतिभागियों का स्वागत किया।कार्यशाला में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के विशेषज्ञों ने पावर पॉईन्ट प्रेजेनटेशन के माध्यम से व्यवसाय एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं से जुड़े विभिन्न इ दबीमा विकल्पों की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने व्यवसाय की प्रकृति एवं संभावित जोखिमों के अनुरूप उपयुक्त बीमा कवरेज के चयन तथा समय-समय पर अपनी बीमा आवश्यकताओं की समीक्षा करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।श्री जयकिशन सोनी ने मोटर, हेल्थ, फायर, मरीन, वर्कमैन कम्पेंसेशन, ग्रुप हेल्थ, ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट, लायबिलिटी, इवेंट तथा साइबर इंश्योरेंस के महत्व एवं कवरेज को विस्तार से समझाया।विशेषज्ञों ने बताया कि उचित बीमा कवरेज व्यवसायों को आग, प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं, परिवहन के दौरान होने वाले नुकसान, कर्मचारी संबंधी जोखिमों, कानूनी देनदारियों तथा साइबर हमलों जैसे अप्रत्याशित जोखिमों से होने वाले वित्तीय नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कार्यशाला में बड़ी संख्या में यूसीसीआई के सदस्यों ने भाग लिया और व्यवसायिक जोखिमों के प्रबंधन एवं वित्तीय सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के श्री जसवन्त माथुर, श्री जयकिशन सोनी, श्री पल्लव जैन एवं अग्रवाल इंश्योरेन्स सर्विस के श्री गणपतलाल अग्रवाल ने कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की।
प्रतिभागियों ने विभिन्न बीमा उत्पादों, उनके कवरेज, उपयोगिता एवं जोखिमों से वित्तीय सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारियां प्राप्त कीं।प्रश्नकाल के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न बीमा योजनाओं एवं उनके व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा भी की।यूसीसीआई के पूर्वाध्यक्ष श्री एम.एल. लूणावत, श्री आर.सी. शर्मा, श्री हनवन्त सिंह राठौड भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।यूसीसीआई की यह पहल व्यवसायिक समुदाय में बीमा जागरूकता एवं जोखिम प्रबंधन की समझ को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री गणपतलाल अग्रवाल ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।
