उदयपुर | एमबी कॉलेज पूर्व छात्र परिषद के 50 से अधिक सदस्यों ने अपना वन भ्रमण एवं जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम सोमवार को विद्या भवन के प्रकृति साधना केंद्र में आयोजित किया।
अरावली पर्वतमालाओं की गोद में बसा यह केंद्र भीलो के बेदला में स्थित है जो की 125 हेक्टेयर क्षेत्र में एक सघन वन के रूप में विकसित है। मीडिया प्रभारी प्रोफ़ेसर विमल शर्मा ने बताया कि इसमें अनेक प्रजातियों के वृक्ष लताएं शाकीय पादप एवं घास हैं।
इस वन क्षेत्र में लगभग 125 प्रकार के पक्षी अनेक सरीसृप, कुछ उभयचर एवं वन्य जीव स्वतंत्र रूप से विचरण करते हुए देखे जा सकते हैं।
परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर महीप भटनागर, महासचिव शांतिलाल भंडारी एवं मंत्री आर के गर्ग के मार्गदर्शन में वन भ्रमण के कार्यक्रम में केंद्र के समन्वयक आर एल श्रीमाल ने बताया कि शहर के इतने पास प्रकृति की यह अनुपम भेंट है जहां शुष्क पर्णपाती वन की विभिन्न फ्लोरा एंड फोना उपलब्ध है ।
इसका उद्देश्य शोध छात्रों विद्यार्थियों एवं आम जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, उन्हें जैव विविधता से अवगत कराना, पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित करना एवं शैक्षिक गतिविधियों हेतु विभिन्न आयोजनों को करना है।
प्रकृति प्रेमी सभी सदस्यों ने आज विद्याभवन द्वारा कालांतर में बेदला राव से खरीदी इस ग्रासलैंड पर स्वत उगे इस वन क्षेत्र को प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण की अद्भुत मिसाल के रूप में देखकर उसकी भूरी भूरी प्रशंसा की एवं केंद्र द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तार से विवेचना की।
मीडिया प्रभारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि कतिपय सदस्यों के लिए यहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी संभव है तथा पूर्व सूचना देकर हर शहरवासी को इस नैसर्गिक वन का भ्रमण करना चाहिए।
