श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के अंतर्गत जेआर टांटिया चेरिटेबल नशा मुक्ति एवं पुनर्वास संस्थान में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
नागरिक नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 का समुचित उपयोग कर सकते हैं।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने बताया कि नशा केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को बर्बाद नहीं करता, बल्कि उसके साथ जुड़े पूरे परिवार के सपनों, रिश्तों और खुशियों को धीरे-धीरे निगल जाता है।
जिस घर में कभी हंसी गूंजती है, वहां नशा प्रवेश करने के बाद चिंता, तनाव, बीमारी, आर्थिक संकट और रिश्तों में टूटन का अंधेरा पैदा कर देता है। इसलिए आज जरूरत केवल नशा छोड़ने की नहीं, बल्कि नशे को जिंदगी में प्रवेश करने से पहले ही रोकने की है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के खिलाफ केवल स्वयं जागरूक न हों, बल्कि अपने दोस्तों, भाई-बहनों और आसपास के युवाओं को भी जागरूक करें।
एक युवा अगर नशे से बचता है तो केवल एक जिंदगी नहीं बचती, बल्कि एक परिवार का भविष्य सुरक्षित होता है।श्री विकास रांगेरा ने कहा कि नशे से बाहर निकलना संभव है और मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने जीवन को बचाने की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है।
डॉ. विकास धींगडा ने युवाओं से अपील की, वे नशे को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनने से पहले ही उसे एक बार ‘ना’ कहें, क्योंकि कई बार जिंदगी बचाने के लिए सिर्फ एक सही निर्णय ही काफी होता है।
कार्यक्रम के दौरान राकेश भादू, भूपेन्द्र सहारण, राकेश स्वामी, दिनेश सहारण ने युवाओं ने नशे से दूर रहने और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प दिलाया।
