उदयपुर । भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र की ओर से स्वच्छता अभियान 6.0 के अंतर्गत ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपशिष्ट पदार्थों के रचनात्मक पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।
कला शिक्षिका सुश्री नीलोफर मुनीर की ओर से प्रतिभागियों को रचनात्मक विचार एवं मार्गदर्शन प्रदान किए। उन्होने केंद्र के वैज्ञानिक कर्मचारियों को अनुपयोगी पैकेजिंग सामग्री एवं गत्ते का उपयोग कर रंग-बिरंगी एवं आकर्षक कलाकृतियाँ जैसे पेंगुइन, तोता तथा अन्य सजावटी आकृतियाँ बनाना सिखाया।
इस गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि रचनात्मकता एवं नवाचार के जरिए बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को सुंदर कलाकृतियों में बदला जा सकता है। यह पहल अपशिष्ट प्रबंधन, पुनः उपयोग तथा पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।
