मुख्य सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 26 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
MPUAT-NEWS

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषयक व्याख्यान

आत्म बोध और शत्रु बोध कौशल युवाओं के अनिवार्य गुण: जे. नंदकुमार

मुख्य बिंदु
  • महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय के संघटक सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषयक व्याख्यान सत्र आयोजित किया।
  • सत्र के मुख्य वक्ता 'प्रज्ञा प्रवाह' के अखिल भारतीय संयोजक आदरणीय श्रीमान जे.
  • उन्होंने ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य की आशा होते हैं।
  • उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए युवाओं में शिक्षा, कौशल, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना होना आवश्यक है।
  • साथ ही युवाओं से ईमानदारी, मेहनत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
  • उन्होंने आत्म बोध और शत्रु बोध कौशल को युवाओं के अनिवार्य गुण बताते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करके शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
WAf𝕏TGin✉🖨
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषयक व्याख्यान

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय के संघटक सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषयक व्याख्यान सत्र आयोजित किया।

सत्र के मुख्य वक्ता 'प्रज्ञा प्रवाह' के अखिल भारतीय संयोजक आदरणीय श्रीमान जे. नंदकुमार जी थे। उन्होंने ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य की आशा होते हैं।

उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए युवाओं में शिक्षा, कौशल, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना होना आवश्यक है। साथ ही युवाओं से ईमानदारी, मेहनत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने आत्म बोध और शत्रु बोध कौशल को युवाओं के अनिवार्य गुण बताते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करके शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को “पहले देश, फिर स्वयं” की भावना के साथ आगे बढ़ने तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।