उदयपुर | बैंकिंग क्षेत्र की लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को पंजाब नेशनल बैंक की टाउन हॉल शाखा के बाहर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता एवं संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया।
UFBU संयोजक डी.के. जैन ने बताया कि यह प्रदर्शन आगामी तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से पूर्व अंतिम चेतावनी प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया गया था। बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह तत्काल लागू करने, पीएलआई के मुद्दे पर वार्ता शुरू करने तथा लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
जैन ने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों से बैंककर्मी अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार सरकार एवं संबंधित पक्षों के साथ वार्ता और संवाद करते आ रहे हैं। बार-बार वार्ताओं एवं प्रयासों के बावजूद इन मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण बैंककर्मियों को अब सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय बैंक हड़ताल की जाएगी। 28 सितंबर को प्रातः 10 बजे टाउन हॉल स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर वृहद प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद यदि बैंककर्मियों की मांगों पर सकारात्मक एवं सार्थक पहल नहीं होती है, तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया गया है।
प्रदर्शन में विभिन्न बैंक संगठनों के पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव एवं ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) राजस्थान इकाई के संगठन सचिव धर्मवीर भाटिया, उप क्षेत्रीय सचिव निर्मल उपाध्याय, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष पी.एस. खींची, भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव सुनील डाबल एवं सहायक महासचिव मोहन साखड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के राजस्थान महासचिव पुष्पेंद्र सिंह नाथावत, बैंक ऑफ बड़ौदा से महेश कुमार नवारने, AIBEA (स्टेट बैंकनीफ इंडिया) के एम.एम. शर्मा तथा पंजाब नेशनल बैंक से महेंद्र कोठारी, हेमंत पालीवाल एवं प्रवीण यादव सहित विभिन्न बैंक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
इनके अलावा विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे तथा प्रदर्शन को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई।
जैन ने कहा कि बैंककर्मी लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्षरत हैं। उन्होंने बताया कि आज का प्रदर्शन पूर्णतः सफल रहा और इसमें बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की व्यापक भागीदारी ने उनकी संगठनात्मक एकजुटता को प्रदर्शित किया।
उन्होंने सरकार से अपील की कि हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने से पहले इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए सार्थक वार्ता एवं समाधान की दिशा में पहल की जाए।
प्रदर्शन के दौरान “पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करो”, “पीएलआई पर वार्ता करो” तथा “रेजीडुअल इश्यूज पर टालमटोल बंद करो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
