उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT), उदयपुर के निदेशालय छात्र कल्याण द्वारा आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. विक्रमादित्य दवे, छात्र कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष दोनों महान विभूतियों की जयंती “स्वच्छता ही सेवा” की भावना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने छात्र कल्याण अधिकारी कार्यालय तथा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के प्रिय भजनों “राम धुन” एवं “वैष्णव जन तो तेने कहिए” का सामूहिक गायन किया गया। इससे कार्यक्रम में गांधीजी के सत्य, अहिंसा एवं सादगी के आदर्शों की भावना और अधिक प्रबल हुई।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. विक्रमादित्य दवे ने महात्मा गांधी एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सादगी के सिद्धांतों के माध्यम से देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी तथा उनके विचारों ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि श्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में सैनिकों एवं किसानों के महत्व को रेखांकित करते हुए “जय जवान, जय किसान” का प्रेरणादायी नारा दिया। उनके नेतृत्व में वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान देश ने दृढ़ता का परिचय दिया तथा कृषि विकास को भी नई गति मिली।
कार्यक्रम में श्री सोमशेखर व्यास, श्री दयाल नागदा, डॉ. केवल सीरवी श्री बंशी सहित MPUAT के विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सत्य, अहिंसा, सादगी, राष्ट्रसेवा एवं स्वच्छता के उन आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया, जिनका संदेश महात्मा गांधी एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री ने देशवासियों को दिया।
