सेज यूनिवर्सिटी इंदौर में स्टूडेंट्स रिसर्च कॉन्क्लेव 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। “From Lab to Life and Policy to Practice” (प्रयोगशाला से जीवन तक और नीति से व्यवहार तक) थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
कॉन्क्लेव को विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं का उत्साहजनक प्रतिसाद मिला। इसमें स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), पीएच.डी. स्कॉलर्स एवं युवा शोधकर्ताओं सहित सेज यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के कुल 576 प्रतिभागियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ अकादमिक अनुसंधान को वास्तविक जीवन की चुनौतियों और व्यावहारिक समाधानों से जोड़ना था।
कार्यक्रम में कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इनमें डॉ. अभय कुमार व्यास, पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय कोटा एवं पूर्व सहायक महानिदेशक (ADG), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR); डॉ. मनोज कुमार, प्रमुख, लेजर सरफेस, राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (RRCAT), इंदौर; डॉ. बी. प्रताप रेड्डी, आईआईटी इंदौर तथा सुश्री मोनिका गर्ग, पार्टनर, अक्ष आईपी एसोसिएट्स, नोएडा शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने शोध, वैज्ञानिक नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास और बौद्धिक संपदा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को अकादमिक अनुसंधान को व्यावहारिक उपयोगों से जोड़ने तथा अपने शोध कार्यों के माध्यम से समाज की आवश्यकताओं और चुनौतियों के समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया।
कॉन्क्लेव में विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के शोधार्थियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिला। आयोजन ने युवा पीढ़ी में शोध एवं नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी प्रदर्शित किया।
सेज यूनिवर्सिटी इंदौर में आयोजित यह कॉन्क्लेव युवा शोधकर्ताओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा देने और शोध को समाजोपयोगी परिणामों में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में संपन्न हुआ।
