उदयपुर। सकल दिगंबर जैन समाज सेक्टर-14 की ओर से महावीर भवन में पर्युषण पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
पर्व के षष्ठम दिन उत्तम संयम धर्म दिवस पर श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधान से संपन्न हुई।
शांतिधारा का पुण्यार्जन अमृतलाल-कांतिलाल मुण्डलिया परिवार को प्राप्त हुआ।धर्मसभा को संबोधित करते हुए पंडित रविकीर्ति जी ने कहा कि स्वयं पर सम्यक रूप से नियंत्रण रखना ही संयम धर्म है।
इंद्रियों और मन की वासनाओं को नियंत्रित कर जीवन को सद्मार्ग पर ले जाना संयम की साधना है।
शास्त्रों में वर्णित पांच महाव्रतों का पालन और चार कषायों का दमन उत्तम संयम धर्म का स्वरूप है।सौधर्म इंद्र-इंद्राणी कल्पेश कुमार एवं कुसुम देवी मुण्डलिया के सानिध्य में पूजा-अर्चना सहित विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम संपन्न हुए।
ट्रस्ट महामंत्री भूरीलाल जैन ने बताया कि पांच उपवास की तप आराधना करने वाली मंजू देवी मुण्डलिया का महावीर भवन में ट्रस्ट एवं समाज की ओर से हर्षाेल्लास के साथ स्वागत-अभिनंदन किया गया।सुगंध दशमी के अवसर पर जिनालय में धूप-ध्यान के बाद गोवर्धन एंड पार्टी की ओर से भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में साधर्मियों ने भजनों का आनंद लिया।
ट्रस्ट अध्यक्ष भंवरलाल मुण्डलिया ने बताया कि 27 सितंबर को श्रीजी की पालकी शोभायात्रा गोवर्धनसागर जाएगी, जहां श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी।
