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Jaislmer news

भारतीय नागरिकता के बाद पहली बार मतदान कर पाक विस्थापित दंपती ने निभाया लोकतंत्र का धर्म

मतदान कर कहा - आज गर्व महसूस हो रहा है कि हम भारत के नागरिक है

मुख्य बिंदु
  • नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत बुधवार को नगर परिषद जैसलमेर में मतदान के दौरान लोकतंत्र के प्रति आस्था और भारतीय नागरिकता के गौरव का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला।
  • पाक विस्थापित परिवार के दंपती श्रीमती लंगा एवं श्री खीया राम भील ने भारतीय नागरिकता मिलने के बाद पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता निभाई।
  • मतदान केन्द्र संख्या 10 पर पहुंचकर दंपती ने उत्साहपूर्वक मतदान किया।
  • करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले खीया राम भील ने मतदान के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की नागरिकता मिलने के बाद आज पहली बार मुझे और मेरी धर्मपत्नी को लोकतंत्र के उत्सव में भागीदार बनने का अवसर मिला है।
  • उन्होंने कहा कि वोट देकर मैं बेहद खुश हूं और अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मैं भारत का नागरिक हूं।
  • आज अपने मताधिकार का प्रयोग करना मेरे और मेरे परिवार के लिए जीवनभर यादगार और अविस्मरणीय अवसर रहेगा।
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           जैसलमेर । नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत बुधवार को नगर परिषद जैसलमेर में मतदान के दौरान लोकतंत्र के प्रति आस्था और भारतीय नागरिकता के गौरव का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। पाक विस्थापित परिवार के दंपती श्रीमती लंगा एवं श्री खीया राम भील ने भारतीय नागरिकता मिलने के बाद पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता निभाई।

              मतदान केन्द्र संख्या 10 पर पहुंचकर दंपती ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले खीया राम भील ने मतदान के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की नागरिकता मिलने के बाद आज पहली बार मुझे और मेरी धर्मपत्नी को लोकतंत्र के उत्सव में भागीदार बनने का अवसर मिला है।

            उन्होंने कहा कि वोट देकर मैं बेहद खुश हूं और अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मैं भारत का नागरिक हूं। आज अपने मताधिकार का प्रयोग करना मेरे और मेरे परिवार के लिए जीवनभर यादगार और अविस्मरणीय अवसर रहेगा।

             भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के बाद पहली बार मतदान का यह अनुभव दंपती के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ने के साथ-साथ भारत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, विश्वास और गौरव की भावनाओं का प्रतीक बन गया।