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मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना में आवेदन की अन्तिम तिथि 7 अक्टूबर

उदयपुर। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत सम्मिलित प्रोफेशनल कोर्स हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित

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मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना में आवेदन की अन्तिम तिथि 7 अक्टूबर

उदयपुर। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत सम्मिलित प्रोफेशनल कोर्स हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से कराने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा ऑनलाईन पोर्टल पर सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में कोचिंग करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाईन आवेदन पत्र दिनांक 8 सितम्बर से दिनांक 07 अक्टुबर 2026 तक आमंत्रित किये जा रहे है।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर ने बताया कि योजनान्तर्गत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग एवं विशेष योग्यजन श्रेणी का सदस्य तथा राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय 8 लाख से कम हो या जिनके माता-पिता राजकीय कार्मिक पर पे मैट्रिक्स का अधिकतम लेवल-11 तक का वेतन प्राप्त कर रहे हैं।

ऐसे विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स एवं नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से करवाने का अवसर मिलेगा।

विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की ओर से प्रत्येक वर्ग तथा परीक्षा के लिए निर्धारित सीट का चयन राज्य स्तर पर जारी मेरिट सूची के अनुसार किया जाता है।

पात्र विद्यार्थी एसएसओ पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते है।

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संशोधित नवीनतम विस्तृत दिशा-निर्देश विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध हैं तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से संपर्क किया जा सकता है।---00---जयसमन्द में मत्स्य पालकों के लिए एक्वा रीच कार्यक्रमजयसमन्द 18 सितम्बर।

राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेजद्ध हैदराबाद एवं मत्स्य विभाग, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को जयसमन्द में ‘‘एक्वा रीच’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जयसमन्द एवं डाया बंध की मत्स्य उत्पादक सहकारी समितियांे के मछुआरा सदस्य को मत्स्य पालन संबंधी विभागीय योजनाओ की जानकारी एवं उन्हे इस व्यवसाय में सषक्त बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम कार्यालय मत्स्य विकास अधिकारी, जयसमंद में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में मत्स्य सहकारी समितियों के कुल 62 सदस्यों द्वारा भाग लिया गया।प्रारम्भ में विभाग की उप निदेषक (मत्स्य विस्तार) डॉ. दीपिका पालीवाल ने अतिथियों एवं प्रतिभागीयों का स्वागत कर कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाष डाला।

साथ ही जयसमन्द पर शुन्य राजस्व मॉडल के तहत आदिवासी मछुआरों द्वारा किये जा रहे मत्स्याखेट कार्यो का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल कुमार जोशी ने मछुआरो को मत्स्य पालन की विभागीय योजनाओं की जानकारी एवं इन पर देय अनुदान सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मैनेज हैदराबाद के कार्यक्रम समन्वयक श्री महिवाल सिंह ने प्रतिभागियो का स्वागत कर कार्यक्रम के उद्देष्य एवं संस्थान के कार्यकलापो के बारे में जानकारी दी।

विभाग के पूर्व संयुक्त निदेषक डॉ. अकील अहमद ने जयसमंद पर मत्स्याखेट के षून्य राजस्व मॉडल के संचालन में समितियों द्वारा अनुभव की जा रही कठिनाइयॉ एवं समाधान के बारे में जनजाति मछुआरों से विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने जयसमंद पर गठित मत्स्य सहकारी समितियों की नियमित ऑडिट कराने, साधारण सभा की बैठके आयोजित करने एवं चुनाव इत्यादि की प्रक्रिया निर्धारित समय पर सहकारिता विभाग से समन्वय कर कराने का आहवान किया।

साथ ही समिति सदस्यो को नेषनल फिषरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने का सुझाव दिया।

सज्जन सिंह सहायक मत्स्य विकास अधिकारी ने प्रतिभागीयों को बहुउद्े्षीय मत्स्य सहकारी समिति गठन प्रक्रिया की जानकारी दी।कार्यक्रम के अन्त में डाया फिष फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेषन के प्रवीण कुमार मीणा एवं धर्मेन्द्र मीणा, सहकारी समिति पाटण के व्यवस्थापक रतनलाल एवं सराडी समिति के लोकेष मीणा ने कार्यक्रम के बारे में अपने विचार व्यक्त कर इस प्रकार के कार्यक्रमों को उपयोगी बताया।

अतिथियो द्वारा सभी प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र वितरीत किये गये। डॉ. दीपिका पालीवाल, उप निदेषक (मत्स्य विस्तारद्ध ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियो का आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया।