उदयपुर। केंद्रीय कारागृह उदयपुर में 1 से 7 नवंबर तक आयोजित किए जा रहे ‘ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह-2026’ के तहत बुधवार को चौथे दिन भोजन का सदुपयोग करने, भोजन की बर्बादी रोकने एवं स्वास्थ्यवर्धक आहार के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें कारागृह के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों सहित लगभग 1100 बंदियों ने भाग लिया।कार्यक्रम में जेल अधीक्षक राजपाल सिंह ने बंदियों एवं जेल स्टाफ को भोजन का सदुपयोग करने, भोजन की बर्बादी रोकने तथा स्वास्थ्यवर्धक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि भोजन हमारे जीवन का आधार है और इसका सम्मान करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। कारागृह प्रशासन की ओर से पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
भोजन की व्यवस्था बेहतर बनाने और बंदियों के स्वास्थ्य को उत्तम रखने के लिए सभी को जागरूक रहना चाहिए।उन्होंने बंदियों को समझाया कि अपनी थाली में उतना ही भोजन लें, जितनी भूख हो।
अन्न का एक भी दाना बर्बाद करना अपराध और पाप दोनों है। कारागृह में मिलने वाले भोजन अथवा राशन सामग्री को फेंकना, नष्ट करना या किसी अन्य गलत तरीके से उपयोग करना सख्त मना है।
जेल अधीक्षक ने मोटे अनाज का अधिक उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे शरीर स्वस्थ और निरोगी रहता है। दलिया, मक्की, भीगी हुई अंकुरित मूंग एवं अंकुरित चने का सेवन स्वास्थ्य, बेहतर पाचन और ऊर्जा के लिए लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि अन्न देवता का सम्मान करें, क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है।इस अवसर पर सभी बंदियों एवं जेल स्टाफ को भोजन सावधानी एवं स्वच्छता से तैयार करने, भोजन को जमीन पर गिरने से बचाने तथा सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कचरा पात्रों में डालने के निर्देश दिए गए।
साथ ही अपने परिवारजनों को भी भोजन का दुरुपयोग रोकने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में भगवान सहाय कारापाल, भारतमल मीणा उप कारापाल, अटलाराम उप कारापाल, रणवीर सिंह उप कारापाल, प्रहरी एवं मुख्य प्रहरी सहित अन्य कारागृह कर्मी उपस्थित रहे।
