उदयपुर । विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम माह के समापन के अवसर पर महाराणा भूपाल अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर से जागरूकता रैली निकाली गई।
महाराणा भूपाल अस्पताल में आयोजित रैली को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन एवं मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश गोचर ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दिलीप सिंह वर्मा भी उपस्थित रहे। रैली में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता के नारे लगाए।
डॉ. आर.एल. सुमन ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जागरूकता गतिविधियों की सराहना की। डॉ. सुरेश गोचर ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर पहचान और उचित उपचार आवश्यक है। उन्होंने मानसिक रोगों से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने तथा प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहयोग का व्यवहार अपनाने का संदेश दिया।
डॉ. दिलीप सिंह वर्मा ने बच्चों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में डॉ. सुरेश गोचर ने उपस्थित लोगों को मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक रोगों के लक्षणों, समय पर उपचार तथा सामाजिक सहयोग के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और सम्मान का व्यवहार करना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
अधीक्षक डॉ सुमन ने बताया कि एम बी अस्पताल में मानसिक रोग विभाग स्थापित है, प्रतिदिन करीब 250 मरीज आउट डोर में आते है, इनमें 30 प्रतिशत से ज्यादा अवसाद यानि डिप्रेशन ग्रस्त होते एंड पिछले कुछ सालों में दस पंद्रह मरीज प्रतिदिन किशोर भी आते हैं।
वहीं दूसरी और न्यू ओपीडी में टी सी सी यानी तम्बाकू मुक्त केंद्र भी संचालित है जहां तंबाकू छुड़वाने के लिए निःशुल्क परामर्श एवं दवाईयां भी दी जातीं है।
पिछले दो सालों में। 600 मरीजों ने तम्बाकू उत्पात के सेवन त्याग किया है।
