कोटा। साहित्यकार और प्रधानाध्यापिका डॉ. वैदेही गौतम ने मिशन बाल मन तक के अंतर्गत नई पहल करते हुए छात्राओं को साहित्य में स्वच्छता का पाठ सिखाते हुए आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने का महत्व बताया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रावली खैराबाद में छात्राओं को संबोधित कर बताया कि साहित्य और स्वच्छता का गहरा संबंध है।
साहित्य का सीधा सरोकार समाज को जागरूक करने, नैतिक मूल्यों को स्थापित करने और मानवीय चेतना को जगाने से होता है। जीवन के नैतिक मूल्यों में स्वच्छता का विशेष महत्व है।
उन्होंने बताया कि साहित्य के पास किसी समस्या का सीधा निदान नहीं होता परंतु साहित्य समाज को कचरे, गंदगी और पर्यावरण के प्रति सजग जरूर कर सकता है।
साहित्य में स्वच्छता और पर्यावरण पर निरंतर चर्चा और सृजन होता रहा है। वेदों और प्राचीन ग्रंथो में स्वच्छता को शरीर की सफाई तक सीमित न मानकर मन, वाणी और नैतिक कर्तव्य की पवित्रता के रूप में देखा गया है। महात्मा गांधी जी के साहित्य में स्वच्छता को विशेष स्थान दिया गया है। छात्राओं को चाहिए कि वे अपने घर और आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने का हमेशा प्रयास करें।
उन्होंने छात्राओं को सूखा कचरा, गीला कचरा को अलग - अलग करके रिसाइक्लिंग से पुनः उत्पाद करने तथा डस्टबिन को अंदर से इकोफ्रेंडली पोलीबेग से कवर करना सिखाया, जिससे हमारा पर्यावरण दुर्गंध एवं कीटाणुओं से सुरक्षा रहे।
उन्होंने शनिवार को विद्यालय में बाल साहित्य मेला आयोजित कर 'कचरा पात्र' बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन कराया। प्रतियोगिता में 50 छात्राओं ने भाग लिया जिनमें 5-5 छात्राओं के 10 ग्रुप बनाएं गए। बच्चों ने स्वच्छता के महत्व को समझा और रुचि ले कर डस्टबिन बनाएं।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कक्षा 10 की ज्योति बैरागी, नेहा सुधार,कक्षा 9 की मीनाक्षी कुमारी, नैना कुम्हार का समूह रहा। द्वितीय स्थान पर कक्षा 10 की सोनाक्षी सेन, नेहा गुर्जर,गंगा गुर्जर,निशा गुर्जर,सिमरन सुधार का समूह एवम् तृतीय स्थान पर कक्षा 9 की तनु कुमारी,साक्षी मेघवाल, संध्या सुमन, कक्षा 8 की मनीषा गुर्जर,त्रिशा अहीर का समूह रहा।
कार्यक्रम में स्वच्छ एवं अनुशासित सर्वश्रेष्ठ कक्षा को "संस्था प्रधान पताका " से सम्मानित किया गया । कुछ डस्टबिन कक्षा कक्षों के बाहर कचरा डालने के लिए रखे गए। निश्चित ही साहित्यिक गतिविधियों में सवच्छता को जोड़ कर प्रधानाध्यापिका ने अभिनव पहल की। सभी बच्चों को संस्कृति, साहित्य, मीडिया फोरम कोटा की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
