उदयपुर। जिले में पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संरक्षण की दिशा में जल संसाधन विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जल डायवर्जन परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में मावली क्षेत्र के लिए उदयसागर बांध से मानसून अवधि में अधिशेष जल को बागोलिया बांध में अपवर्तन करने के उद्देश्य से बागोलिया फीडर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
यह परियोजना भूजल एवं पेयजल की दृष्टि से डार्क जोन में शामिल मावली क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।27.615 किलोमीटर लंबा फीडर, 189.29 करोड़ की स्वीकृतिजल संसाधन विभाग द्वारा उदयपुर के उदयसागर बांध से बागोलिया बांध तक लगभग 27.615 किलोमीटर लंबाई के बागोलिया फीडर का निर्माण कराया जा रहा है।
वर्षा जल की अनियमितता के कारण बागोलिया बांध के पूर्ण रूप से नहीं भर पाने की समस्या को देखते हुए इस महत्वाकांक्षी जल डायवर्जन परियोजना की नींव रखी गई है।
क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और किसानों की समृद्धि को ध्यान में रखते हुए परियोजना के लिए डीएमएफटी मद के तहत 189.29 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
करीब 142.86 रूपए करोड़ की कार्यादेश राशि से निर्माण कार्य निरंतर जारी है। परियोजना को निर्धारित तिथि अक्टूबर 2028 से पहले, दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्तमान में आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है तथा साइट पर कट एंड कवर, टनल और फीडर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।17 से अधिक गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभपरियोजना पूर्ण होने के बाद मानसून काल में उदयसागर बांध के अधिशेष जल को फीडर के माध्यम से बागोलिया बांध में अपवर्तित किया जा सकेगा।
इससे मावली तहसील की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 17 से अधिक गांवों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
इनमें मर्दी, नाई का ढाणा, बोर का कुआं, सालेरा खुर्द, मीणाखेड़ा, गायरीयावास, फतहपुरा, लोपड़ा, मावली, बीडघास, राहमी, चीपीखेड़ा, गोलवाड़ा, गंदोली खेड़ा, बिशनपुरा, लदाननी, टेरिया, कालाखेत, वासनीकलां, गोवर्धनपुरा एवं खेमपुर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में कुल 3,676 हेक्टेयर क्षेत्र को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।पेयजल उपलब्धता मजबूत होगी, भूजल स्तर में भी सुधार की उम्मीदबागोलिया फीडर परियोजना का लाभ केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगा।
इसके पूर्ण होने से पूरे मावली क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता सुदृढ़ होगी, भूजल स्तर में सुधार आएगा तथा स्थानीय कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रकार यह परियोजना क्षेत्र में जल उपलब्धता को मजबूत करने के साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बागोलिया फीडर का निर्माण उदयसागर के अधिशेष मानसूनी जल के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे मावली क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और जल संरक्षण से जुड़े लाभों का विस्तार होगा तथा वर्षों पुरानी जल संबंधी आवश्यकता के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस आधार तैयार होगा।
