मुख्य सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 26 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Headlines

स्वाधीनता दिवस पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के कलाकारों ने राष्ट्रपति भवन में दी प्रस्तुति

उदयपुर, भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम की सांस्कृतिक संध्या में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा देश की समृद्ध लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक व

WAf𝕏TGin✉🖨
स्वाधीनता दिवस पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के कलाकारों ने राष्ट्रपति भवन में दी प्रस्तुति

उदयपुर, भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम की सांस्कृतिक संध्या में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा देश की समृद्ध लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन किया गया।पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन दलवी ने बताया कि इस विशेष अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 115 लोक एवं जनजातीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की ‘विविधता में एकता’ की अद्भुत झलक प्रस्तुत की।कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रीगण, वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति तथा देश-विदेश से आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति रही।इस कार्यक्रम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी के मार्गदर्शन, संगीत संयोजन एवं उपस्थिति में केंद्र के सदस्य राज्य गोवा के लोक कलाकारों द्वारा गोवा की विशिष्ट लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों - घुमट, समई नृत्य, घोड़े मोदनी एवं दशावतार की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

इन प्रस्तुतियों ने गोवा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से सिद्धांत भटनागर एवं निखिल वर्मा ने कार्यक्रम के समन्वय एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के लिए गौरवपूर्ण अवसर रही, जिसने देश की विविध लोक एवं जनजातीय कलाओं को एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हुए भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि को रेखांकित किया।