उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत शनिवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में अपस्टेज आर्ट ग्रुप द्वारा ‘फायरप्लेस’ नाटक का मंचन किया गया। 1990 में कश्मीरी पंडित समुदाय के पलायन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस नाटक ने दर्शकों को विस्थापन, पीड़ा और अपनी जड़ों से बिछड़ने के दर्द से रूबरू कराया।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि ‘रंगशाला’ के अंतर्गत प्रत्येक माह विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाता है। इसी श्रृंखला में डॉ. राजीव मिश्रा द्वारा लिखित एवं रोहित त्रिपाठी, दिल्ली द्वारा निर्देशित ‘फायरप्लेस’ का मंचन किया गया। खचाखच भरे दर्पण सभागार में दर्शकों ने नाटक को बेहद सराहा।
नाटक में 1990 के दौर में कश्मीरी पंडित समुदाय के विस्थापन के दौरान हिंसा, जबरन पलायन, घर और पहचान खोने की मानवीय पीड़ा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक ने इतिहास को केवल राजनीतिक विमर्श के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उन आम लोगों के अनुभवों को केन्द्र में रखा, जिनका जीवन उस दौर की घटनाओं से हमेशा के लिए बदल गया।
शानदार अभिनय और प्रभावशाली कहानी कहने की शैली के माध्यम से ‘फायरप्लेस’ ने स्मृतियों, संघर्ष के बीच हिम्मत, अपनत्व की तलाश और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बचाए रखने की उम्मीद जैसे भावनात्मक पक्षों को सामने रखा। नाटक उन अनगिनत आवाजों को श्रद्धांजलि देता है, जिन्हें इतिहास के कठिन दौर में सुना नहीं जा सका।
नाटक की विशेषता यह रही कि ऐतिहासिक घटनाओं को प्रस्तुत करते हुए भी इसका उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विस्थापन और पीड़ा को मानवीय दृष्टिकोण से समझना तथा शांति, करुणा और सह-अस्तित्व जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को सामने लाना रहा।
करीब 65 मिनट की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को इतिहास के एक संवेदनशील अध्याय पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशासी राकेश मेहता, सिद्धांत भटनागर सहित केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं शहर के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अंत में सभी कलाकारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन केन्द्र के सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने किया।
पात्र एवं तकनीकी दल राहुल रैना की भूमिका सौरभ त्रिपाठी, शेखर रैना एवं बाबा की भूमिका रोहित त्रिपाठी, कलीम डार की भूमिका अविनाश सिंह तोमर तथा सरिता दत्त की भूमिका आयुषी त्रिपाठी ने निभाई।
ड्रीम सीक्वेंस - तियारा, परिधान - आगेश नाग, सेट सज्जा - निर्भय कर्त्तव्य, लाइट सज्जा - मुकेश झा, मेकअप - राजेश कुमार तथा मैनेजमेंट - कुंठु सक्सेना ने संभाला।
