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राजस्थान फाउंडेशन ने राजस्थानी अकादमी के आयोजन को सराहा

नीति गोपेन्द्र भट्ट

मुख्य बिंदु
  • राजस्थान फाउंडेशन के दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष सीए डॉ.
  • रामावतार किला ने राजस्थानी अकादमी द्वारा 34वीं राजस्थानी लोक नृत्य एवं 12वीं राजस्थानी चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन करने के लिए अकादमी के अध्यक्ष डॉ गौरव गुप्ता को बधाई दी है।
  • उन्होंने कहा कि 34 वर्षों से लगातार ऐसे आयोजन करना निश्चित रूप से स्वागत योग्य है।
  • इस समारोह में दिल्ली-एनसीआर के 21 विद्यालयों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
  • इस समारोह में राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत, नृत्य और चित्रकला से सजे इस आयोजन में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली।
  • समारोह में रूस एवं श्रीलंका के दूतावासों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के साथ महामहिम के.
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राजस्थान फाउंडेशन ने राजस्थानी अकादमी के आयोजन को सराहा

नई दिल्ली। राजस्थान फाउंडेशन के दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष सीए डॉ. रामावतार किला ने राजस्थानी अकादमी द्वारा 34वीं राजस्थानी लोक नृत्य एवं 12वीं राजस्थानी चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन करने के लिए अकादमी के अध्यक्ष डॉ गौरव गुप्ता को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि 34 वर्षों से लगातार ऐसे आयोजन करना निश्चित रूप से स्वागत योग्य है।इस समारोह में दिल्ली-एनसीआर के 21 विद्यालयों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस समारोह में राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत, नृत्य और चित्रकला से सजे इस आयोजन में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली।

समारोह में रूस एवं श्रीलंका के दूतावासों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के साथ महामहिम के. एल. गंजू, कोमोरोस संघ के मानद महावाणिज्यदूत, किरण गुरु तथा पद्मश्री सम्मानित प्रख्यात कथक नृत्यांगना जोड़ी नलिनी एवं कमलिनी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई और भारतीय लोक कलाओं एवं सांस्कृतिक विविधता के महत्व को रेखांकित किया।

राजस्थानी अकादमी के अध्यक्ष डॉ गौरव गुप्ता ने भी राजस्थान फाउंडेशन के दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष, सीए डॉ.रामावतार किला, द्वारा इस आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए आभार जताया ।

गुप्ता ने कहा डॉ.रामावतार किला के नेतृत्व में राजस्थान फाउंडेशन के दिल्ली चैप्टर राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उनका मानना है कि राजस्थान से दूर रहते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना और इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इसी सोच के अनुरूप, चैप्टर ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करता है, जो बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, लोक कला एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और सम्मान की भावना विकसित करते हैं।

राजस्थानी अकादमी ने आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले स्वागत समिति के सदस्यों, सहयोगियों एवं उपहार प्रायोजकों अमित गुप्ता (जेम माइन्स), नवरतन अग्रवाल बीकानेरवाला, पीयूष गुप्ता (प्रभात प्रकाशन), दिलविंदर कपूर (वंडरसॉफ्ट) तथा जिनेंद्र कुमार जैन (जे.के. ऑफसेट) का भी आभार जताया ।

राजस्थान फाउंडेशन – दिल्ली चैप्टर, सीए (डॉ.) रामावतार किला के नेतृत्व में, सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सेवा, युवा सहभागिता और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थानी अकादमी के साथ यह सहयोग इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जिसका उद्देश्य राजस्थान की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी के जीवन और संस्कारों से जोड़ना है।

समारोह का समापन विजेता विद्यार्थियों के सम्मान और सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर रेखांकित किया कि राजस्थान की लोक संस्कृति और परंपराएँ केवल प्रदेश की पहचान नहीं, बल्कि भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं। ऐसे प्रयास युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।