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खेजड़ी केवल वृक्ष नहीं, सनातन संस्कृति और प्राणवायु का प्रतीक - महंत श्री राजेंद्र दास महाराज

राजस्थान सरकार द्वारा खेजड़ी संरक्षण के लिए उठाए गए कठोर कदमों का तपोभूमि जटेला धाम ने किया स्वागत

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खेजड़ी केवल वृक्ष नहीं, सनातन संस्कृति और प्राणवायु का प्रतीक - महंत श्री राजेंद्र दास महाराज

जयपुर, तपोभूमि जटेला धाम आश्रम के पीठाधीश्वर महंत श्री राजेंद्र दास महाराज ने राजस्थान सरकार तथा राजस्थान वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा राज्य वृक्ष खेजड़ी (शमी वृक्ष) के संरक्षण के लिए लागू की गई सख्त नीतियों एवं महत्वपूर्ण कदमों का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन किया है।

महंत श्री राजेंद्र दास महाराज जयपुर प्रवास के दौरान कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा खेजड़ी की अवैध कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध, दोषियों पर कठोर दंड, खेजड़ी को काटने के लिए विशेष अनुमति को अनिवार्य करना, विश्नोई समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए 363 खेजड़ी शहीदों की स्मृति को संरक्षण नीति से जोड़ना और "एक पेड़ खेजड़ी के नाम" जैसे जन-अभियानों को बढ़ावा देना अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी निर्णय है।

उन्होंने इस निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा,वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा की विशेष सराहना की।उन्होंने कहा - "खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं है।

हमारे शास्त्रों में इसे शमी वृक्ष कहा गया है, जिसकी पूजा दशहरे पर पांडवों ने भी की थी। यह वृक्ष मरुस्थल में जीवन देता है, यह ऑक्सीजन का भंडार है, इसकी जड़ें जमीन को बांधे रखती हैं और इसके पत्ते 'लूंग' पशुधन के लिए अमृत समान हैं।

1730 में खेजड़ली में 363 विश्नोई नर-नारियों ने खेजड़ी की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया था, वह विश्व के पर्यावरण इतिहास में सबसे बड़ा बलिदान है।"महंत जी ने आगे कहा कि आज जब पूरे विश्व में पर्यावरण संकट गहरा रहा है, तब राजस्थान सरकार ने खेजड़ी को संरक्षित कर पूरे देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी सनातन संस्कृति और लोक आस्था की रक्षा भी है।

गौरतलब होगा कि महंत श्री राजेंद्र दास महाराज ने देश भर के कई राज्यों में एक लाख आठ हजार पेड़ तथा रिकॉड समय में एक लाख से अधिक तुलसी लगाकर पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति की अलख जगाई है।तपोभूमि जटेला धाम आश्रम की ओर से महंत श्री राजेंद्र दास महाराज ने समस्त भक्तों, पर्यावरण प्रेमियों, किसानों और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने खेत, घर और आश्रम परिसर में कम से कम एक खेजड़ी का पौधा अवश्य लगाएं और उसकी संतान की तरह रक्षा करें।उन्होंने कहा कि जटेला धाम आश्रम भी राजस्थान सरकार के इस पुण्य अभियान में पूर्ण सहयोग करेगा और आश्रम के माध्यम से हरियाणा-राजस्थान सीमा क्षेत्र में खेजड़ी के पौधों का वितरण एवं रोपण किया जाएगा।