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अहिल्या उद्धार पर भावविह्वल हुए श्रद्धालु, तारणहार प्रभु श्रीराम की गूंज उठी जयकार

रामलीला का तीसरा दिन: महर्षि विश्वामित्र का आगमन, ताड़का-सुबाहु वध के मंचन ने भी बांधा

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अहिल्या उद्धार पर भावविह्वल हुए श्रद्धालु, तारणहार प्रभु श्रीराम की गूंज उठी जयकार

उदयपुर। श्री राम लीला समिति के तत्वावधान में निम्बार्क महाविद्यालय में चल रही राम लीला के तीसरे दिन रविवार को भक्ति, संस्कृति और धर्म का अद्भुत संगम देखने को मिला।वृंदावन से पधारे पुष्टिमार्गीय श्री कृष्ण लीला संस्थान के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक और सजीव अभिनय शैली से ऐसा समां बांधा कि दर्शक भाव-विभोर हो उठे।मंचन का सबसे अलौकिक और भावनात्मक क्षण अहिल्या उद्धार का रहा।

महर्षि विश्वामित्र के साथ जाते समय श्रीराम उस निर्जन आश्रम के समीप पहुंचे जहां ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या शापवश पत्थर बनी बैठी थीं।रामचरितमानस की पावन चौपाई "गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर।

चरन कमल रज चाहति कृपा करहु रघुबीर॥" के भाव को कलाकारों ने मंच पर साक्षात कर दिया।मुनिश्रेष्ठ विश्वामित्र ने प्रभु श्री राम से भावपूर्ण आग्रह किया कि गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या शापवश धैर्य धारण करके पत्थर की देह धारण किए प्रभु की प्रतीक्षा कर रही हैं और आपके चरण कमलों की धूल चाहती हैं, हे रघुवीर!

अब इन पर कृपा कीजिए।जैसे ही प्रभु श्रीराम के श्रीचरणों की पावन धूलि का स्पर्श हुआ, पाषाण रूपी अहिल्या शापमुक्त होकर पुनर्जीवित हो गईं और प्रभु की स्तुति करने लगीं।

इस दृश्य ने पूरे पंडाल को भक्तिरस में डुबो दिया, दर्शकों की आंखें नम हो गईं और पूरा प्रांगण "जय श्री राम" के जयकारों से गूंज उठा।इससे पूर्व, हनुमान चालीसा के नियमित पाठ के बाद तीसरे दिन की शुरुआत गुरु विश्वामित्र के आगमन प्रसंग से हुई।

मुनिश्रेष्ठ विश्वामित्र का अयोध्या नगरी में पधारना और राजा दशरथ से अपने यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण को मांगने के प्रसंग में कलाकारों ने संवाद को बेहद सजीव और ओजस्वी रूप में प्रस्तुत किया।वन क्षेत्र में राक्षसों के आतंक को समाप्त करने के लिए भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का का वध और सुबाहु का संहार करने के दृश्यों ने दर्शकों को बांध दिया।समिति के महासचिव भंवर लाल शर्मा ने बताया कि आरंभ में समिति अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी ने श्री रामलीला समिति के संरक्षक अस्थल आश्रम के महंत रासबिहारी शरण, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक व संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अश्विन दल्वी, विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री के.के. शर्मा, समाजसेवी लक्ष्मीकांत वैष्णव, राजस्थान बाल काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट रतन सिंह राव, पूर्व उप महापौर महेंद्र सिंह शेखावत, समाजसेवी लक्ष्मण पुरी गोस्वामी, ओसवाल समाज के अध्यक्ष प्रकाश कोठारी, खटीक समाज के अध्यक्ष शैलेंद्र चौहान, गुजराती समाज के राजेश मोहता, समाजसेवी सुधीर पोद्दार, श्रीमती कुसुम शर्मा, हीरालाल सोनी, शिवरतन तिवारी, प्रकाश दशोरा का सम्मान किया।अतिथियों का स्वागत हरीश मारवाड़ा, डॉ. विजय प्रकाश विप्लवी, अशोक बाबेल, निर्मल चौबीसा, सत्येन्द्र चतुर, प्रभाष सुखवाल, अंजना जोशी, दिनेश गुप्ता आदि ने किया।सोमवार को होंगे यह प्रसंग, मंगल को निकलेगी बिंदोली-रामलीला के चौथे दिन सोमवार को पुष्प वाटिका और धनुष यज्ञ प्रसंग होंगे।

मंगलवार को श्री राम जानकी विवाह के मंचन से पहले सायंकाल 6 बजे अस्थल मन्दिर से भगवान श्रीराम व माता सीता की बिंदोली निकलेगी जो 7 बजे निम्बार्क मैदान राम लीला स्थल पहुंचेगी।