सितंबर माह में शाइन इंडिया फाउंडेशन,और ईबीएसआर बीबीजे चैप्टर के माध्यम से पिछले 15 वर्षों से चलाए जा रहे नेत्रदान जागरुकता अभियान से शहर के आसपास की छोटी-छोटी गांव में भी नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है ।
आज दोपहर, न्यू कॉलोनी बूंदी निवासी चेतन और अनिल बिरला के पिता ओमप्रकाश बिरला (सेवानिवृत्त यूको बैंक ) का आकस्मिक निधन हुआ । हंसमुख,विनम्र स्वभाव और प्रसन्नचित रहने वाले ओम प्रकाश काफी शांत और सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहने वाले व्यक्ति थे,उनके निधन से पूरे बूंदी शहर में शोक की लहर आ गयी।
परिजनों के सामाजिक कार्य में अग्रणी रहने से बेटे चेतन और अनिल बिरला ने माताजी विष्णु कांता बिरला से पिता के नेत्रदान के बारे में चर्चा की और मां की सहमति मिलते ही संस्था के ज्योति मित्र इदरीस बोहरा को संपर्क कर कोटा से नेत्रदान के लिए टीम को बुलाने का अनुरोध किया ।
इदरीस की सूचना पर,नेत्रदान के लिए कोटा से तुरंत टीम रवाना हो गई, घर पहुंच कर परिवार के सभी सदस्यों के बीच में डॉ कुलवंत गौड़ ने, नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया ।
संस्था संस्थापक डॉ संगीता गौड़ ने बताया कि, वर्ष 2015 में,नागदी बाजार,बूंदी निवासी विनोद कोटिया के नेत्रदान से इस क्षेत्र में नेत्रदान अभियान की शुरुआत हुई थी,उसके बाद से आज तक बूंदी जिले में 100 दिवंगतों के नेत्रदान हो चुके हैं, पिछले 15 दिनों में चार नेत्रदान बूंदी शहर से हुए हैं । इसी माह में संस्था के प्रयासों से शहर की तीन दिवंगत महिलाओं स्व० स्नेहलता नाटेकर, स्व० जगन्नाथी मालव और स्व० किरण लता जैन का नेत्रदान हुआ है।
