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दिव्यांगजन ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्वागत

मुख्य बिंदु
  • नारायण सेवा संस्थान में देश के विभिन्न प्रांतों से निःशुल्क सर्जरी एवं कृत्रिम अंग तथा कैलिपर लगवाने के लिए आए दिव्यांगजन ने गुरुवार को भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकियों के 9 ठिकानों को नेस्तनाबूद करने पर खुशी जाहिर की।
  • उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी अपनी सोच बदल ले अन्यथा विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे।
  • 'अपनों से अपनी बात' कार्यक्रम में उन्होंने संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के व्याख्यान के दौरान पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष भारतीय पर्यटकों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार और सेना की कार्रवाई का समर्थन किया।
  • कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शांति और सहनशीलता की भी सीमा होती है।
  • भारत युद्ध और हिंसा का विरोधी है लेकिन उसके नागरिकों को धर्म पूछकर मारा जाए तो राष्ट्र धर्म से उसका जवाब देना भी जरूरी हो जाता है।
  • उन्होने कहा कि आतंक फैलाने व उसे प्रश्रय देने वालों का हर्ष बुरा ही होता है।
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दिव्यांगजन ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्वागत

उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान में देश के विभिन्न प्रांतों से निःशुल्क सर्जरी एवं कृत्रिम अंग तथा कैलिपर लगवाने के लिए आए दिव्यांगजन ने गुरुवार को भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकियों के 9 ठिकानों को नेस्तनाबूद करने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी अपनी सोच बदल ले अन्यथा विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे।

'अपनों से अपनी बात' कार्यक्रम में उन्होंने संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के व्याख्यान के दौरान पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष भारतीय पर्यटकों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार और सेना की कार्रवाई का समर्थन किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शांति और सहनशीलता की भी सीमा होती है। भारत युद्ध और हिंसा का विरोधी है लेकिन उसके नागरिकों को धर्म पूछकर मारा जाए तो राष्ट्र धर्म से उसका जवाब देना भी जरूरी हो जाता है।

उन्होने कहा कि आतंक फैलाने व उसे प्रश्रय देने वालों का हर्ष बुरा ही होता है। लेकिन यह बात हमारे पड़ोसी के समझ में नहीं आ रही है। यदि उसने अब भी आतंकवाद को अपने एजेन्डे में बनाए रखा तो उसके लिए आत्मघाती होगा। उसे अपनी सोच बदलकर अपने नागरिकों की दुर्दशा के सुधार पर ध्यान देना चाहिए। कोई भी धर्म आतंक और हिंसा की इजाजत नहीं देता।