उदयपुर, लाभार्थियों से संवाद और उनके अनुभव जानने के बाद मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नारायण सेवा संस्थान का काम स्वयं बोल रहा है।” यह बात भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लखनऊ में निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स फिटमेंट शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगता की पीड़ा पूरे परिवार को प्रभावित करती है। नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगजनों और उनके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौटाकर उन्हें नया जीवन देने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने लाभार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गोमती नगर स्थित दयाल गेटवे होटल में आयोजित शिविर का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी आपबीती सुनी और चिकित्सकों से फिटमेंट प्रक्रिया की जानकारी ली। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने मेवाड़ी परंपरा के अनुसार अतिथियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए प्रदेश में दिव्यांगजनों की सेवा के लिए भूखंड या भवन उपलब्ध कराने की घोषणा की। संस्थान अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि संस्थान दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता और सम्मानपूर्ण जीवन के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिविर में 40 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने 432 दिव्यांगजनों को 549 कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निःशुल्क फिट किए। लाभार्थियों को चलने का अभ्यास, मिरर बार और फिजियोथैरेपी की सुविधा भी दी गई।
संस्थान निदेशक वंदना अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया, जबकि संरक्षक सत्य भूषण जैन ने आभार व्यक्त किया। ट्रस्टी देवेंद्र चौबीसा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
