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चम्बल रिवर फ़्रंट-गीता के श्लोकों के स्कल्पचर्स, दुनिया की सबसे बड़ी घड़ी,16 देशों के लुक की रचनाएं होंगे आकर्षण के केंद्र-धारीवाल

डॉ. प्रभात कुमार सिंघल

मुख्य बिंदु
  • कोटा गीता के श्लाेकाें पर आधारित स्कल्पचर्स, दुनिया की सनसे बड़ी घड़ी,रानी हाड़ी, पन्नाधाय की कहानी,सिंह और घड़ियाल के स्कल्पचर्स, मेवाड़, मारवाड़, शेखावाटी, हाड़ौती की झलक वाली संरचनाएं और हेलीकॉप्टर राइड चम्बल रिवर फ़्रंट के आकर्षण होंगे।
  • नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि कोटा को पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए कोटा बैराज से नयापुरा चम्बल रिवर फ़्रंट देश में अपनी तरह का अनूठा पर्यटन स्थल होगा, जिस पर 700 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।
  • इसमें कई प्रकार के चौक, घाट, राजस्थान शिल्प के आकर्षक आकृतियां बनाई जयेंगी।
  • इसके बनने पर यह भी योजना है कि लोग हेलीकॉप्टर से कोटा दर्शन कर सकें।
  • इसी में हेलीकॉप्टर राइड की सुविधा भी की जयेंगी।
  • चम्बल फ़्रंट रिवर के आकर्षणों के बारे में नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि गीता घाट में गीता के श्लाेकाें पर आधारित स्कल्पचर्स होंगे।
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चम्बल रिवर फ़्रंट-गीता के श्लोकों के स्कल्पचर्स, दुनिया की सबसे बड़ी घड़ी,16 देशों के लुक की रचनाएं होंगे आकर्षण के केंद्र-धारीवाल
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कोटा गीता के श्लाेकाें पर आधारित स्कल्पचर्स, दुनिया की सनसे बड़ी घड़ी,रानी हाड़ी, पन्नाधाय की कहानी,सिंह और घड़ियाल के स्कल्पचर्स, मेवाड़, मारवाड़, शेखावाटी, हाड़ौती की झलक वाली संरचनाएं और हेलीकॉप्टर राइड चम्बल रिवर फ़्रंट के आकर्षण होंगे।

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि कोटा को पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए कोटा बैराज से नयापुरा चम्बल रिवर फ़्रंट देश में अपनी तरह का अनूठा पर्यटन स्थल होगा, जिस पर 700 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।

इसमें कई प्रकार के चौक, घाट, राजस्थान शिल्प के आकर्षक आकृतियां बनाई जयेंगी। इसके बनने पर यह भी योजना है कि लोग हेलीकॉप्टर से कोटा दर्शन कर सकें।

इसी में हेलीकॉप्टर राइड की सुविधा भी की जयेंगी।

चम्बल फ़्रंट रिवर के आकर्षणों के बारे में नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि गीता घाट में गीता के श्लाेकाें पर आधारित स्कल्पचर्स होंगे। हेरिटेज घाट पर16 देशाें के लुक की इमारतें होंगी।

एक ग्लाेब बनेगा जिसमें हर देश के चेहरे नज़र आएंगे। साहित्य घाट पर तुलसीदास, प्रेमचंद, गालिब की रचनाएं प्रदर्शित हाेंगी एवं एक लाइब्रेरी भी बनेगी।

हिस्ट्री पार्क में शक्ति और भक्ति की प्रतीक रानी हाड़ी, पन्नाधाय की कहानी हाेगी। महाराणा घाट पर मेवाड़, मारवाड़, शेखावाटी, हाड़ौती की झलक देखने को मिलेगी।

छतरी घाट पर लाल पत्थर का बड़ा नंदी स्थापित होगा। श्मशान व कब्रस्तान उनकी शैली में विकसित होंगे।

म्यूजिकल घाट पर म्यूजिक आयोजन किये जा सकेंगे। बच्चों के लिए वाॅटर गेम जाेन बनेगा।

घंटाघर घाट पर दुनिया की सबसे बड़ी घंटी लगेगी जिसका व्यास 9.5 मी. होगा। अभी सबसे बड़ी घंटी मास्काे में 8 मीटर व्यास की है।

रिवर फ्रंट पर बहुत सी जगह म्यूजिकल फव्वारे एवं राेशनी का अनूठा डिजाइन नजर आएगा। पेड़ाें पर लाइटिंग होगी।

जवाहर घाट पर जवाहर लाल नेहरू को समर्पित एक फ्रीडम टावर बनेगा । सिंह-घड़ियाल घाट पर 15 सिंह ओर 15 घड़ियाल के स्कल्पचर्स नजर आएंगे।

इसका डिजाइन एवं आकल्पन जयपुर के वरिस्ठ वास्तुकार अनूप बरतरिया ने किया है।

नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि चम्बल रिवर फ्रंट के किनारे माता चर्मण्यवती की 40 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। वाटर पार्क के साथ मनोरंजन के लिए कई प्रकार के निर्माण किये जायेंगे। यहां सुंदर हैंडीक्राफ्ट बाजार और खूबसूरत गार्डन विकसित हाेंगे। फ़ूड कोर्ट में कई देशों के लजीज व्यंजन आने वालों को लुभाएंगे। चम्बल रिवर फ़्रंट को भारत का सबसे ज्यादा आकर्षक बनाया जा रहा हैं, जिसे देखने दुनिया के लोग यहाँ आएंगे।

ट्रैफिक सिग्नल मुक्त शहर मंत्री धारीवाल ने बताया कि कोचिंग नगर के रूप में विख्यात कोटा निकट भविष्य में देश का पहला एवं दुनिया का दूसरा शहर होगा जो यातायात सिग्नल मुक्त होगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि शहर के लिए ऐसी योजना बनाई गई है जिससे सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल की वजह से ठहरना नहीं पड़ेगा। इसके लिए चौराहों पर फ्लाई ओवर,अंडरपास,एलिवेटेड रोड बनाये जा रहें हैं।