जैसलमेर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशन में सुरक्षित बचपन अभियान के अन्तर्गत माह अक्टूबर, 2026 को जिले भर में अधिकार मित्रों द्वारा विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम व विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किये।
कार्यक्रम में बालक- बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए संदेश प्रसारित किया कि बच्चे एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला हैं और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूकता उनके समग्र विकास और कल्याण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि बालकों के लैंगिक शोषण से बचाव के लिए विशेष पॉक्सो कानून बनाया गया है जिसे पॉक्सो एक्ट 2012 कहा जाता है।
बच्चों का अपनी सुरक्षा हेतु सतर्क रहते हुए शिक्षा हेतु प्रवेश का अधिकार, निःशुल्क शिक्षा का अधिकार, सुरक्षित विद्यालय अवसंरचना का अधिकार, योग्य शिक्षकों का अधिकार, भेदभाव और उत्पीड़न से संरक्षण, विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका, आपातकाल में क्या करें?
आदि कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया गया। निष्कर्ष रूप में रालसा सुरक्षित स्कूलों के लिए पीआईएल, कानूनी नोटिस और बच्चों की शिकायतों के माध्यम से लड़ता है, सहायता करता है तथा अधिकारों की रक्षा करता है।
आपका जीवन महत्वपूर्ण है। सुरक्षित स्कूल की मांग कीजिए।
निःशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, सुरक्षित स्कूल भवन, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान उपलब्ध कराने का प्रावधान करता है।
यदि स्कूल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं, तो राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराते हैं।
इसके बावजूद भी कभी दुर्घटना या ऐसी किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर बच्चे कभी भी 1098 चाईल्ड लाईन अथवा नालसा 15100 हेल्पलाईन पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बालकों को समाज में व्याप्त बुराईयों से बचाव यथा नशा, बाल विवाह, बाल श्रम, मृत्यु भोज, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा आदि के प्रति सतर्क किया गया तथा सतत् जागृति के क्रम में भविष्य में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न विषयों को लेकर आयोजित किये जाते रहेंगे।
