उदयपुर। अणुव्रत समिति उदयपुर की ओर से अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के छठे दिन अनुशासन दिवस का आयोजन माणिक्य लाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. बलविंदर कौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है।
जिस व्यक्ति में अनुशासन होता है, वह अपने समय, विचारों और कार्यों को सही दिशा देकर जीवन के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता को भी कमजोर कर देती है, जबकि अनुशासन जीवन को व्यवस्थित और सार्थक बनाता है।अणुव्रत समिति अध्यक्ष श्रीमती प्रणिता तलेसरा ने कहा कि अणुव्रत का मूल संदेश हैकृ‘निज पर शासन, फिर अनुशासन।’ व्यक्ति जब स्वयं पर नियंत्रण करना सीख जाता है, तभी वह परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में संयम, आत्मनियंत्रण और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में प्राचार्य मलय पानेरी, निदेशक हेमेन्द्र चौधरी, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. शाहिद कुरैशी एवं डॉ. धर्मेन्द्र राजोरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।अतिथियों का परिचय कुंदन भटेवर ने कराया तथा आभार राजेन्द्र सेन ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर अणुव्रत समिति की श्रीमती पूर्णिमा बोकडिया सहित समिति के अन्य सदस्य, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
