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Udaipur News

थैलेसीमिया मरीजों के लिए 5 जून को निःशुल्क एचएलए मैचिंग शिविर

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के बाल चिकित्सालय में होगा विशेष आयोजन

मुख्य बिंदु
  • विश्व थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोग जागरूकता अभियान के अंतर्गत आगामी 5 जून 2026 को प्रातः 9 बजे से बाल चिकित्सालय, में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोगियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
  • इसमें थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए एक विशेष एचएलए मैचिंग जांच शिविर होगा।
  • यह संपूर्ण जांच सुविधा मरीजों एवं उनके परिवारों के लिए पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इस एचएलए मैचिंग के आधार पर उपयुक्त मरीजों का चयन कर उन्हें भविष्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए अग्रेषित किया जाएगा।
  • वर्तमान में बाल चिकित्सालय, उदयपुर में 500 थैलेसीमिया के मरीज पंजीकृत हैं, जो नियमित रूप से निःशुल्क इलाज एवं रक्त चढ़वाने के लिए यहाँ आते हैं।
  • आगामी 5 जून को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उदयपुर संभाग के विभिन्न जिलों से लगभग 150 थैलेसीमिया मरीज अपने संभावित पारिवारिक डोनर (जैसे सगे भाई-बहन अथवा अन्य निकट रिश्तेदार) के साथ भाग लेंगे।
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उदयपुर। विश्व थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोग जागरूकता अभियान के अंतर्गत आगामी 5 जून 2026 को प्रातः 9 बजे से बाल चिकित्सालय, में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोगियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इसमें थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए एक विशेष एचएलए मैचिंग जांच शिविर होगा। यह संपूर्ण जांच सुविधा मरीजों एवं उनके परिवारों के लिए पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

इस एचएलए मैचिंग के आधार पर उपयुक्त मरीजों का चयन कर उन्हें भविष्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए अग्रेषित किया जाएगा।

वर्तमान में बाल चिकित्सालय, उदयपुर में 500 थैलेसीमिया के मरीज पंजीकृत हैं, जो नियमित रूप से निःशुल्क इलाज एवं रक्त चढ़वाने के लिए यहाँ आते हैं।

आगामी 5 जून को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उदयपुर संभाग के विभिन्न जिलों से लगभग 150 थैलेसीमिया मरीज अपने संभावित पारिवारिक डोनर (जैसे सगे भाई-बहन अथवा अन्य निकट रिश्तेदार) के साथ भाग लेंगे।

प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक महत्वपूर्ण कड़ाई है।

रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज प्रशासन आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को ट्रांसप्लांट का अवसर प्रदान करने और इस निःशुल्क एचएलए मैचिंग शिविर को पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. आर. एल. सुमन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों को हर संभव चिकित्सा सुविधा देने के लिए तत्पर है।

5 जून को आयोजित होने वाले इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों एवं परिजनों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट, एचएलए मैचिंग तथा थैलेसीमिया के आधुनिक उपचार विकल्पों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।

बाल रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अरोड़ा ने तकनीकी महत्व को समझाते हुए अपील कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सफलता के लिए एचएलए मैचिंग सबसे बुनियादी और आवश्यक प्रक्रिया है।

इसके साथ ही शिविर में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें रोग की पहचान, रोकथाम, समय पर जांच एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।

अतः संभाग के सभी पंजीकृत मरीज इस शिविर में समय पर पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।