मुख्य सामग्री पर जाएँ
मंगलवार, 22 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

दुग्ध उत्पादन और खाद्य सुरक्षा की धुरी हैं महिला पशुपालक

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर दिया जोर

मुख्य बिंदु
  • विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर सोमवार को राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर में इस वर्ष की थीम महिला किसानों का सम्मान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
  • ओमप्रकाश साहू ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन की ओर से प्रतिवर्ष 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है।
  • दुग्ध उत्पादन व खाद्य सुरक्षा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • सुरेश जैन ने विभागीय योजनाओं के माध्यम से पशु स्वास्थ्य, बांझपन निवारण एवं टीकाकरण द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
  • सुरेन्द्र छंगाणी ने कहा कि राजस्थान में प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है।
  • पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ.
WAf𝕏TGin🖨
दुग्ध उत्पादन और खाद्य सुरक्षा की धुरी हैं महिला पशुपालक

उदयपुर। विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर सोमवार को राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर में इस वर्ष की थीम महिला किसानों का सम्मान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. ओमप्रकाश साहू ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन की ओर से प्रतिवर्ष 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है।

दुग्ध उत्पादन व खाद्य सुरक्षा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश जैन ने विभागीय योजनाओं के माध्यम से पशु स्वास्थ्य, बांझपन निवारण एवं टीकाकरण द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने कहा कि राजस्थान में प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है। पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. शरद अरोड़ा और उपनिदेशक शैलेन्द्र शुक्ला ने स्वच्छ एवं शुद्ध दुग्ध उत्पादन पर बल दिया।

उपनिदेशक डॉ. द्वारका प्रसाद गुप्ता ने महिला पशुपालकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन में उनकी भूमिका खाद्य सुरक्षा तथा आर्थिक मजबूती का प्रतीक है।

वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पदमा मील ने हेमन्त जैन सीनियर सेल्स एग्जीक्यूटिव, एरियन वेट कंपनी, डॉ. सूर्यप्रकाश त्रिवेदी पूर्व अतिरिक्त निदेशक तथा श्री मुरारीलाल गुप्ता वरिष्ठ पशुचिकित्सा सहायक का आभार व्यक्त किया।

संस्थान के विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकाली तथा राहगीरों को निःशुल्क मसाला छाछ, लस्सी एवं फ्लेवर्ड मिल्क का वितरण भी किया गया।