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Udaipur News

पशु चिकित्सा की न्यायिक जांचों में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उपयोग का प्रशिक्षण 23 को

मुख्य बिंदु
  • राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर द्वारा उदयपुर संभाग में कार्यरत पशुचिकित्सकों की विधिक एवं तकनिकी दक्षता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फोरेंसिक एस्पेक्टस ऑफ वेटेरो-लीगल केसेज विषयकएक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 23 जनवरी को किया जाएगा।
  • संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ.
  • सुरेन्द्र छंगाणी ने बताया कि यह कार्यशाला भारत सरकार की एलएचडीसीपी एंड एएससीएडी योजना के अन्तर्गत आयोजित की जा रही है।
  • उक्त कार्यशाला से उदयपुर संभाग में कार्यरत पशु चिकित्सकों में पशु चिकित्सा के न्यायिक प्रकरणों में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सहायता लेने पर गहन चर्चा की जाएगी।
  • इसमें न्यायिक प्रकरणों में पशु चिकित्सक न्यायपूर्ण नीतिगत कार्य सम्पन्न करवा सके।
  • छंगाणी ने बताया कि कार्यशाला के तकनिकी सत्र में डॉ.
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उदयपुर। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर द्वारा उदयपुर संभाग में कार्यरत पशुचिकित्सकों की विधिक एवं तकनिकी दक्षता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फोरेंसिक एस्पेक्टस ऑफ वेटेरो-लीगल केसेज विषयकएक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 23 जनवरी को किया जाएगा।

संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी ने बताया कि यह कार्यशाला भारत सरकार की एलएचडीसीपी एंड एएससीएडी योजना के अन्तर्गत आयोजित की जा रही है।

उक्त कार्यशाला से उदयपुर संभाग में कार्यरत पशु चिकित्सकों में पशु चिकित्सा के न्यायिक प्रकरणों में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सहायता लेने पर गहन चर्चा की जाएगी।

इसमें न्यायिक प्रकरणों में पशु चिकित्सक न्यायपूर्ण नीतिगत कार्य सम्पन्न करवा सके।

डॉ. छंगाणी ने बताया कि कार्यशाला के तकनिकी सत्र में डॉ. परमजीत सिंह, अतिरिक्त निदेशक, क्षेत्रिय विधि विज्ञान प्रयोगशाला उदयपुर एवं उनकी टीम द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा।

पशु चिकित्सा से जुड़े कानूनी मामलो में फोरेंसिक साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच अत्यंत आवश्यक है।

कार्यशाला में पशु चिकित्सकों को सही नमूना संग्रह, संरक्षण एवं फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में प्रेषण की प्रक्रिया, नमूनों की अस्वीकृति के सामान्य कारण, विषविज्ञान, पशु गमन, डीएनए से पशु पहचान, डुबने एवं विद्युत करट से पशु मृत्यु से फोरेंसिक संकेत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी दी जायेगी।

कार्यशाला संयोजक डॉ. पदमा मील ने बताया कि कार्यशाला में उदयपुर संभाग के उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डुंगरपुर, सलूम्बर, बासंवाडा, प्रतापगढ़ जिले के 70 पशुचिकित्सक भाग लेंगे। डॉ. ओमप्रकाश साहू ने बताया कि उक्त कार्यशाला में पशु चिकित्सकों को इससे सम्बन्धित साहित्य भी उपलब्ध करवाया जाएगा।