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मुस्कान वरिष्ठ नागरिक क्लब, उदयपुर की त्रैमासिक पत्रिका "मधुर मुस्कान" के इक्कीसवें वर्ष के प्रथम अंक जनवरी-मार्च 2026 का विमोचन

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मुस्कान वरिष्ठ नागरिक क्लब, उदयपुर की त्रैमासिक पत्रिका "मधुर मुस्कान" के इक्कीसवें वर्ष के प्रथम अंक जनवरी-मार्च 2026 का विमोचन

उदयपुर | मुस्कान वरिष्ठ नागरिक क्लब, उदयपुर की त्रैमासिक पत्रिका मधुर मुस्कान के इक्कीसवें वर्ष के प्रथम अंक जनवरी-मार्च 2026 का आज गट्टानी फाउंडेशन संरक्षक मण्डल एवं मुस्कान क्लब कार्यकारिणी सदस्यो द्वारा विमोचन किया गया।

श्री एम.पी. माथुर एवं श्री रमेशचन्द्र जोशी के संपादन में इस पत्रिका के माध्यम से क्लब की गतिविधियों, सदस्यों की रचनाओं और वरिष्ठ जनों की अवश्यकता के अनुरूप पठनीय सामग्री को प्रकशित किया जाता हैं | पत्रिका में पिछले तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में शरद पूर्णिमा, दीपावली मिलन, हास्य नाटक, काव्य पाठ, टिफिन पिकनिक, योगा, स्वास्थ्य जांच जैसी विविध गतिविधियां का विस्तृत विवरण प्रस्तुत कर सदस्यों के नृत्य, गीत, अंताक्षरी और विशेष अतिथियों की प्रस्तुतियां को इंगित किया हैं इस अंक की विस्तृत समीक्षा करते हुए मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की सदस्यों द्वारा लिखी कविताए व आलेख मानव जीवन, स्त्री विमर्श, स्वास्थ्य और उत्सवों पर केंद्रित हैं।

ये रचनाएं क्लब की साहित्यिक परंपरा को दर्शाती हैं।

संरक्षक श्रीमती कौशल्या गट्टानी का 'आत्म बोध' लेख बच्चे की प्रतिभा और रुचि के महत्व पर आधारित है जो हर बालक में निहित प्रतिभा के विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर देता हैं प्रमुख कविताओ में 1 स्त्री (श्री कमल सौंधी): स्त्री की कोमलता, सहनशीलता और पुरुष से भिन्नता पर व्यंग्यात्मक कविता; सीता, देवकी जैसे उदाहरणों से स्त्री की विशेषताओं का वर्णन।

2 फूट को विदा कर दीजिए (श्री दलपत सिंह कुंभट): प्रेम, एकता और झगड़ों से बचने का संदेश देती हैं 3 जिंदगी (श्रीमती रीता श्रीमाली): जीवन की क्षणभंगुरता, खुशी-गम के चक्र और संतोष का महत्व बताती हैं।

4 नव वर्ष अभिनंदन करती तीन कविताओं में श्रीमती रेणु माथुर, डॉ. नरेश शर्मा, श्री अजय गोयल ने नए वर्ष की शुभकामनाएं, खुशियां, धर्मग्रंथों का महत्व और विश्व शांति की प्रार्थना का संदेश दिया।

5 क्यूं है (श्री ईश्वर जैन "कौस्तुभ"): में दर्द, खुशी, बंदगी और भाग्य पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया है।

आलेख में 1 जीवन में संगीत का महत्व (श्रीमती कुसुमलता त्रिपाठी): संगीत के मानसिक, शारीरिक और सांस्कृतिक लाभ; सामवेद और वैज्ञानिक प्रमाणों का उल्लेख 2 दर्द है तो जहान है (श्रीमती उषा ईंटोडिया): दर्द को शरीर की चेतावनी बताते हुए अपेंडिक्स, एंजाइना जैसे उदाहरण देते हुए दर्द का आभार व्यक्त किया।

3 जिंदगी (श्रीमती तुलसी राजोरा): जीवन को खुशी-गम के दो पहलुओं में बांटकर संतोष करने व लालच से बचने की सलाह।

4 स्ट्रोक संबंधी जानकारी (श्रीमती भगवती कुमावत): BEFAST फॉर्मूला से स्ट्रोक लक्षण, कारण (डायबिटीज, बीपी), रोकथाम (व्यायाम, जांच) का विस्तार से वर्णन।

5 यादें ( श्री विश्वबन्धु श्रीमाली) में दैनिक जीवन की प्रेरक घटनाएं।

विगत दिनों स्मृति शेष हुई श्रीमती संतोष शर्मा व हेमलता शर्मा को सचित्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई हैं