मुख्य सामग्री पर जाएँ
मंगलवार, 22 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

अग्र बृज रज परिवार द्वारा पूंछरी के लौठा के जयकारों के साथ गोवर्धन बाबा की हुई पूजा

-उदयपुर में निवासरत भरतपुर संभाग के अग्र परिवार विधिवत करते हैं गोवर्धन पूजा

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर में निवासरत भरतपुरा संभाग के अग्र बृज रज परिवार के अग्र बंधु ने पूंछरी के लौठा के जयकारों के साथ गोवर्धन पूजा की और गोवर्धन परिक्रमा कर परिवार के लिए सुख समृद्दि की कामना की।
  • संगठन के संस्थापक रविन्द्र अग्रवाल ने बताया कि उदयपुर में भरतपुर संभाग के सैंकडों लोग व्यवसाय के सिलसिले में रहते हैं।
  • प्रधान सीपी बंसल व कार्यक्रम के संयोजक सतीश आर्य व सुनील मित्तल के नेतृत्व में समाजजनों ने सबसे पहले गोवर्धनजी की पूजा अर्चना की।
  • कार्यक्रम में आया प्रत्येक समाजजन इस पूजा में शामिल हुआ।
  • जिस प्रकार गोवर्धन में 7 कोस यानी 21 किलोमीटर की परिक्रमा लगाई जाती है ठीक उसी का अनुसरण इस परिक्रमा में किया गया।
  • इस प्रकार 7 कोस के रूप में 7 परिक्रमा गोवर्धन बाबा की लगाई जाती है जो पूरे जोश व जयकारों के बीच सम्पन्न हुई।
WAf𝕏TGin🖨
अग्र बृज रज परिवार द्वारा पूंछरी के लौठा के जयकारों के साथ गोवर्धन बाबा की हुई पूजा

उदयपुर। उदयपुर में निवासरत भरतपुरा संभाग के अग्र बृज रज परिवार के अग्र बंधु ने पूंछरी के लौठा के जयकारों के साथ गोवर्धन पूजा की और गोवर्धन परिक्रमा कर परिवार के लिए सुख समृद्दि की कामना की।

संगठन के संस्थापक रविन्द्र अग्रवाल ने बताया कि उदयपुर में भरतपुर संभाग के सैंकडों लोग व्यवसाय के सिलसिले में रहते हैं। प्रधान सीपी बंसल व कार्यक्रम के संयोजक सतीश आर्य व सुनील मित्तल के नेतृत्व में समाजजनों ने सबसे पहले गोवर्धनजी की पूजा अर्चना की।

कार्यक्रम में आया प्रत्येक समाजजन इस पूजा में शामिल हुआ। जिस प्रकार गोवर्धन में 7 कोस यानी 21 किलोमीटर की परिक्रमा लगाई जाती है ठीक उसी का अनुसरण इस परिक्रमा में किया गया।

इस प्रकार 7 कोस के रूप में 7 परिक्रमा गोवर्धन बाबा की लगाई जाती है जो पूरे जोश व जयकारों के बीच सम्पन्न हुई। प्रतिमा गोबर से आकर्षक स्वरूप में एडवोकेट मनीषा अग्रवाल द्वारा बनाई गई।

इस मौके पर अग्र बृज रज परिवार के सदस्य बडी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हुए। हर कोई पूजा अर्चना और जयकारों से अपने आप को धन्य पा रहा था।

इस दौरान महिलाओं द्वारा गोवर्धन बाबा के पारम्परिक गीत व नृत्य प्रस्तुत किये वहीं पुरुष वर्ग द्वारा भी कृष्ण कन्हैया लाल के गानों पर नृत्य कर सबका दिल जीत लिया।

परिवार के संरक्षक के जी गुप्ता ने बताया कि बाबा गिर्राज, मानसी गंगा, पूंछरी के लौठा, राधा रानी, कृष्ण कन्हैया लाल की जयकारों के साथ साथ ’कुंड कुंड चिरणामृत ले, मानसी गंगा श्री हर दे, अपना जन्म सफल कर ले.....की आराधना व अर्चना के साथ परिक्रमा पूर्ण हुई।

अंत में मनमोहक आतिशबाजी हुई और स्वामीवात्सल्य के साथ एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दी गई।