बच्चा घूमना ही नहीं दुनिया को समझना सीखना चाहता है "
मनुष्य स्वभाव से ही घुमंतू प्राणी है। उसके भीतर अपने आसपास की दुनिया को देखने, जानने और नए अनुभवों से गुजरने की एक सहज ललक होती है। शायद यही कारण है कि घूमने क…
“बच्चा” के परिणाम
मनुष्य स्वभाव से ही घुमंतू प्राणी है। उसके भीतर अपने आसपास की दुनिया को देखने, जानने और नए अनुभवों से गुजरने की एक सहज ललक होती है। शायद यही कारण है कि घूमने क…
रविंद्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज में नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक एवं जल मित्र डॉक्टर पी सी जैन ने कहा कि आप भावी डॉक्टर के लि…
जयपुर । उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री पंकज शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा कानून और व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्वता के …
प्रतापगढ़/ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ष्ज्तंदेवितउंजपअम ज्नमेकंलष्. ैजतंदहमत क्ंदहमत.छव.ळव.ज्मसस (अजनबियों से सावधान - मना करो-…
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती। वह किसी समाज की स्मृतियों, संस्कारों, संवेदनाओं, विचारों और जीवन-दृष्टि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ले जाने वाली जीवंत धारा होती …
उदयपुर। रात का सन्नाटा हो या दिन की तपती धूप… फोन की घंटी बजती है और दूसरी तरफ से किसी गांव से आवाज आती है—“एक पशु घायल है, उसकी हालत बहुत खराब है।” इसके बाद य…
जैसलमेर । माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के एक्शन प्लान के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राध…
8 सितंबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि दुनिया को यह याद दिलाने का दिन है कि साक्षरता व्यक्ति का अधिकार और समाज के विकास की बुनियाद है। इसकी शुरुआत 1965 …
प्रतापगढ़ | बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहे गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति…
शिक्षक दिवस पर सवाल : जब शिक्षक ही व्यवस्था के दबाव में होगा, तो भविष्य की पीढ़ी को दिशा कौन देगा?5 सितंबर आते ही देशभर में शिक्षक दिवस की तैयारियाँ शुरू हो जा…
खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की पाठशाला हैभारत में प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिव…
नवोदित लेखकों के लिए मार्गदर्शक हैं प्रीति की प्रीत मय कविताएं ....थोड़ी ज़मीं - थोड़ा आसमानरहने दो, मेरी पंखों में थोड़ी परवाज रहने दो । इस दुनिया में है हस्त…