अभिव्यक्ति के आंगन में रस रंग और ताल
साहित्य जगत में कोटा के साहित्यकार श्री विजय जोशी कहानी और आलोचना विधा के क्षेत्र में देश में अपनी विशिष्ठ पहचान रखते हैं। पारिवारिक और सामाजिक जीवन के अनेक पह…
“स्मृति” के परिणाम
साहित्य जगत में कोटा के साहित्यकार श्री विजय जोशी कहानी और आलोचना विधा के क्षेत्र में देश में अपनी विशिष्ठ पहचान रखते हैं। पारिवारिक और सामाजिक जीवन के अनेक पह…
भारतीय संस्कृति में सावन का महीना केवल वर्षा ऋतु के आगमन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, आध्यात्मिकता, लोकपरंपरा, पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक सद्भाव के स…
उदयपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक सोमवार को राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में पश्चिम क…
उदयपुर। सूरजपोल स्थित दादावाड़ी में आध्यात्मिक चातुर्मास की श्रृंखला के तहत श्री वर्धमान शक्रस्तव महाभिषेक का आयोजन प्रवचन प्रभाविका प.पू. रतनसुता विदुषी साध्वी…
भारत के 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन देश की राजनीतिक दिशा, राष्ट्रीय आकांक्षाओं और भविष्य के संकल्पों …
जैसलमेर । निंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) में आयोजित अटल गौरव स्मृति समारोह के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का रविवार को जैसलमेर जिला मुख्यालय स्थित उत्कर्ष जैन भवन में लाइव प…
उदयपुर। उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य, गलियों, बाजारों, प्राकृतिक सौंदर्य और रोजमर्रा के जीवन को रेखाओं में सहेजने वाले अर्बन स्केचर्स उदयपुर (USK) की चौ…
उदयपुर। रोटरी क्लब उदयपुर की ओर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रोटरी बजाज भवन में आयोजित समारोह में अध्यक्ष श्रीचंद खुथुरिया एवं सचिव दुष्यंत सोमानी …
जयपुर, 15 अगस्त। राजस्थान में 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को देशभक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रदेश के जिला मुख्यालयों से लेकर राज्य स्तरीय समारो…
श्रीगंगानगर। पशु विज्ञान केंद्र, सूरतगढ़ परिसर में केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. राजकुमार बेरवाल, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष कुमार, ऐटा, करणी सिंह राठौड़ और स…
जैसलमेर । जिले में 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को राष्ट्रभक्ति, उल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह सोनार दुर्ग की तलहटी में स्थ…
आजादी मिलने के बाद की सबसे बड़ी त्रासदी विभाजन से उपजी वह व्यथा है जिसे सिंधी समुदाय आज भी अपने दिलो—दिमाग में बसाए हुए है। मैं स्वयं सिंधी समाज से हूं, इसलिए …