ऋषि दयानन्द के सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ से देश-देशान्तर में वेदों के सत्यस्वरूप का प्रचार हुआ
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…










