भक्तामर अनुष्ठान कलियुग का कल्पवृक्ष, श्रद्धा से मिलता है आत्मबलःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, कुम्हारवाड़ा के तत्वावधान में देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में पूज्य डॉ. सुरेन्द्र मुनि ज…
“साधना” के परिणाम
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, कुम्हारवाड़ा के तत्वावधान में देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में पूज्य डॉ. सुरेन्द्र मुनि ज…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेंद्र धाम, महावीर समवशरण में संवत्सरी समापन के पावन अवसर पर विशेष प्रवचन किया गया।समारोह में…
उदयपुर। साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और समसामयिक विषयों को प्रभावी स्वर देने वाले उदयप…
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के आठवें दिन रविवार को महाप्रज्ञ विहार में संवत्सरी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक …
उदयपुर 14 सितम्बर. रीनासां यूनिवर्सल (आर. यु.) क्लब, उदयपुर, राजस्थान के तत्वावधान में सोमवार दिनांक 14 सितम्बर 2026 को 44 वां प्रभात संगीत दिवस समारोह का आयोज…
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के पर्युषण महापर्व के सातवें दिन महाप्रज्ञ विहार में ध्यान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक प्रवचन में जैन मुन…
उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज की ओर से पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन रविवार को जप दिवस मनाया गया। महाप्रज्ञ विहार में युगप्रधान आचार्य श्री म…
बांसवाड़ा। योग योगेश्वर, युगदृष्टा श्री कृष्ण द्वारा स्थापित प्रकृति पूजा का संदेश वर्तमान में स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन के लिए जरूरी है। श्रीमद्भागवत के दो दृष…
उदयपुर। आध्यात्मिक चातुर्मास की श्रृंखला में पर्युषण महापर्व के अवसर पर रविवार को वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित धर्मसभा में साध्वी गुरुवर्या श्री बहिन म.…
उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम स्थित महावीर समवशरण में चल रहे पर्यूषण महापर्व के अंतर्गत धर्मसभा को संबोधित करते…
गुरु मां 105 सुप्रकाश मति माताजी ने किया आमंत्रण पत्रिका का विमोचनउदयपुर। ध्यानोदय तीर्थ क्षेत्र श्री सुप्रकाश मति ध्यान केन्द्र, बलीचा में पर्वराज पर्यूषण महा…
बांसवाड़ा। निवृत्ति सभी कर्मों से विरत होकर कर्म सन्यास का मार्ग है किन्तु प्रवृत्ति सभी कर्मों के फल से विरक्ति भाव रखने का मार्ग है। मतलब कार्य करो मगर तटस्थ…