रक्षाबंधन: परम्परा या जरूरत?
भारत को यदि रिश्तों की भूमि कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहाँ त्योहार केवल तिथियाँ नहीं होते, वे जीवन-मूल्यों के उत्सव होते हैं। दीपावली प्रकाश का संदेश दे…
“सच्ची” के परिणाम
भारत को यदि रिश्तों की भूमि कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहाँ त्योहार केवल तिथियाँ नहीं होते, वे जीवन-मूल्यों के उत्सव होते हैं। दीपावली प्रकाश का संदेश दे…
“जिस समाज में ज्ञान पर किसी का एकाधिकार नहीं होता, वहाँ मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, उसके ज्ञान, कर्म और चरित्र से होती है।”शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं …
उदयपुर। देवेन्द्र धाम में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने रक्षाबंधन पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंसान अपन…
भारत की सांस्कृतिक विविधता की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यहां त्योहार केवल कैलेंडर की तारीखें नहीं होते, बल्कि वे लोकजीवन, प्रकृति, आस्था, परंपरा और मानवीय र…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि जीवन में विनय का होना बेहद जरूरी है। विनय के …
*“आज कला जगत में एक अजीब-सी खामोशी है…” — पिनाज़ मसानी छाया गांगुली और कलाकारों ने के.सी. मालू को दी भावभीनी श्रद्धांजलि*जयपुर। कला और संगीत की दुनिया में अपनी…
श्रीगंगानगर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सोनी धर्मशाला के निकट स्थित केंद्र की बहनों ने आज केंद्रीय जेल पहुंचकर बं…
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान में सावन मास के पावन अवसर पर चल रही ‘भोलेनाथ के चरणों में अपनों से अपनी बात’ शिव कथा में मंगलवार को संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल…
उदयपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने अपना जन्मदिन सादगी और सेवा भाव के साथ मनाया। उन्होंने तारा संस्थान वृद्धाश्रम पहुंचकर…
नीति गोपेन्द्र भट्ट जयपुर। कला और संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाली सुप्रसिद्ध ग़ज़ल गायिका पद्मश्री पिनाज़ मसानी ने जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सें…
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान में सावन मास में चल रही ‘अपनों से अपनी बात भोलेनाथ के साथ’ शिव कथा में शनिवार को संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने शिव महिमा का मा…
उदयपुर। सावन मास में सेवा महातीर्थ में चल रही शिव कथा में शुक्रवार को जब शिव नाम की गूंज उठी तो वातावरण केवल कथा का नहीं, बल्कि आस्था, करुणा और आत्मबल का हो गय…