उदयपुर. देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित विशेष धर्मसभा एवं महिला अधिवेशन स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि सामाजिक, धार्मिक एवं घरेलू क्षेत्र में रिश्तों को सहेजने के लिए परस्पर निभाने की सच्ची भावना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दोनों हाथों से ताली बजती है,इसी नियम के अनुसार दोनों ओर से प्रेम व सौहार्दपूर्ण व्यवहार जरूरी है; चाहे वह रिश्ता पिता-पुत्र, भाई-भाई, सास-बहू, पार्टनर, मित्र या संघ व समाज के सदस्यों के बीच का ही क्यों न हो।
आज अविश्वास के चलते ही रिश्ते टूटते जा रहे हैं। धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि जी ने रिश्तों को सुधारने पर बल देते हुए कहा कि रिश्ते जोड़ने वाले तोड़ने वालों से कहीं बड़े होते हैं।
हमें मजदूर न बनकर कारीगर बनना है, जो भवन खड़ा करता है, न कि उसे गिराने का काम करता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पानी को ऊपर चढ़ाने के लिए कल (तकनीक) व बल की जरूरत होती है, वैसे ही रिश्तों को निभाने व ऊंचाई देने के लिए परस्पर स्नेह की आवश्यकता रहती है।
पूज्य राजेंद्र मुनि जी ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में वही व्यक्ति महान बनता है जो दिलों को जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं। अहंकार और कटुता से दूर रहकर क्षमा व सहनशीलता को अपनाना ही धर्म का सच्चा मार्ग है।
जिस प्रकार मजबूत नींव पर ही सुंदर भवन टिकता है, ठीक उसी तरह विश्वास और सद्भाव की नींव पर ही परिवार तथा समाज समृद्ध होते हैं।
मनुष्य को अपने सत्कर्मों से सदैव समाज में प्रेम और शांति का प्रकाश फैलाना चाहिए।समारोह के दौरान महिला अधिवेशन स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम में विधायक दीप्ति माहेश्वरी, पूर्व महापौर रजनी डांगी, अध्यक्ष एडवोकेट रोशन लाल जैन, महामंत्री हिम्मत बडाला सहित अन्य महिला पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
अंत में अध्यक्षा सन्तोष मेहता ने सभी अतिथियों व उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया तथा अब तक समाज व धर्म के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।