शिल्पग्राम में नाटक ‘मीता! पंचलैट वाले’ का प्रभावशाली मंचन
प्रत्येक माह के पहले रविवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर का दर्पण प्रेक्षागृह, नाट्य रसिकों का स्वागत करता है | ‘रंगशाला’ के अंतर्गत यहाँ किसी …
“दर्शकों” के परिणाम
प्रत्येक माह के पहले रविवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर का दर्पण प्रेक्षागृह, नाट्य रसिकों का स्वागत करता है | ‘रंगशाला’ के अंतर्गत यहाँ किसी …
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में ‘मीता! पंचलैट वाले’…
मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के बाद अदाकारा स्विंकी मेहता अब बहुत जल्द ही बॉलीवुडमें दस्तक देंने वाली हैं। अपनी खूबसूरती, आत्मविश्वास और प्रतिभा के द…
उदयपुर। राजस्थानी फिल्म ‘सांवरिया सेठ’ को मिल रही दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अगर अपनी भाषा, संस्कृति और मिट्टी से जुड़ी कह…
झालावाड़: सोनी सब और नीला फिल्म प्रोडक्शन्स, भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले और सबसे प्रिय पारिवारिक मनोरंजन शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा (टीएमकेओसी) के निर…
मुंबई, बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर द मूवी’ के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। एक ओर नीम करोली बाबा की बायोपिक फिल्म हनुमान अंश र…
नई दिल्ली/मुम्बई। भारतीय सिनेमा की विरासत को संरक्षित करने और विश्व स्तर पर भारतीय फिल्म संस्कृति को पहचान दिलाने वाले फिल्मकार एवं फिल्म आर्काइविस्ट शिवेन्द्र…
उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में ‘मीता! पंचल…
उदयपुर। कहीं कान्हा की शरारतों का रंग था, कहीं राधा की भाव-भंगिमा की छटा और कहीं ऊंचाई पर बंधी मटकी को फोड़ने के लिए युवाओं के उत्साह की गूंज। चित्रकूट नगर स्थ…
’उदयपुर | भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या के अवसर पर आज दिनांक 03 सितम्बर 2026 को सायं 04:30 बजे से संस्था के गोविंद कठपु…
'नीम करौली' बाबा की जिंदगी के अनछुए पहलुओं को बयां करती फिल्म 'हनुमान अंश’ की सफलता के बाद मेकर्स ने इस फिल्म के सीक्वल के निर्माण का ऐलान कर दिया है। छोटे बजट…
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…