मध्यम आकार के शहरों में कभी सूखा, कभी बाढ़, कभी अदृश्य प्रदूषण
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्ताजल सुरक्षा केव…
“संरक्षण” के परिणाम
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्ताजल सुरक्षा केव…
उदयपुर। संस्कृत के प्रति जनचेतना एवं जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से संस्कृतभारती द्वारा संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत भव्य संस्कृति चेतना यात्रा (शोभायात्रा…
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्तामध्यम आकार के …
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
उदयपुर। संस्कृत के श्लोक जब बालमन की कल्पनाशीलता से संवाद करते हैं और भावों को रंगों की भाषा मिलती है, तो ज्ञान, संस्कृति, संस्कार और जीवन-दर्शन की अमूर्त अनुभ…
कोई भी निर्माण, कोई भी कार्यक्रम, कोई भी भोजन, कृषि, उद्योग और घर जल बिना नहीं होता। प्रदेश में इस वर्ष बहुत कम वर्षा हुई है तो जल दोहन भी बहुत अधिक होगा ऐसे म…
कोटा। हिंदी भाषा और साहित्य के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार को समर्पित साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय ‘हिंदी लाओ, द…
जयपुर । प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विस्तार ले रहा है। इस वर्ष जून माह तक प्रदेश में 10.85 करोड़ घरेलू और 8.45 लाख विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं। वर्ष 2024…
श्रीगंगानगर। ब्रह्मचारी कल्याण स्वरूप जी महाराज ने कहा है कि जब तक संस्कृत भाषा जन-जन की भाषा नहीं बनेगी तब तक भारत विश्व गुरु नहीं बन पाएगा। देवभाषा संस्कृत ह…
उदयपुर | एमबी कॉलेज पूर्व छात्र परिषद के 50 से अधिक सदस्यों ने अपना वन भ्रमण एवं जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम सोमवार को विद्या भवन के प्रकृति साधना केंद्र में…
उदयपुर। संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत भारती द्वारा आयोजित संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने की दिशा में अभिनव पहल करते हुए ‘पत्रा…
उदयपुर। संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और जीवन के प्रति संवेदनशील दृष्टि देने वाली संस्कारों की भाषा है। भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति को पू…